इटावा। शहर से लेकर कस्बों तक जाम का कारण बने ऑटो, ई-रिक्शे और निजी बसों के संचालन पर शिकंजा कसने के लिए डीएम-एसएसपी और एआरटीओ बृहस्पतिवार को सड़कों पर उतरे। तीनों अधिकारियों ने ग्वालियर बस स्टैंड के लिए चिह्नित टिक्सी मंदिर पर जगह देखी। वहीं, बकेवर भी जाकर जाम लगने का कारण जाना।
शहर के नौरंगाबाद, रामगंज, शास्त्री चौराहा, बस स्टैंड चौराहा समेत सभी जगहों पर दिन में कई-कई बार जाम लगना आम बात है। फुटपाथों पर अतिक्रमण और ऑटो-ई-रिक्शे और निजी बसों का मनमाने तरीके से संचालन सबसे बड़े कारण हैं।
शासन के आदेेश पर तत्कालीन डीएम श्रुति सिंह ने अभियान चलवाकर लंबे समय से शहर के अंदर संचालित ग्वालियर बस स्टैंड और भरथना बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई थी। भरथना बस स्टैंड तो चिह्नित स्थान पर पहुंच गया पर ग्वालियर बस स्टैंड के लिए चिह्नित की गई टिक्सी मंदिर के पास जगह को शहर से बाहर बताते हुए शहर में ही जगह देने की मांग की थी।
कई दिनों तक मांग चलने के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें कुछ दिनों के लिए कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने स्टैंड बनाने की मोहलत दे दी थी। गुरुवार को डीएम अवनीश राय, एसएसपी जयप्रकाश सिंह और एआरटीओ ब्रजेश यादव ने टिक्सी मंदिर वाले स्थान का निरीक्षण किया। डीएम ने एआरटीओ को निर्देश दिए कि सभी बसें निश्चित स्टैंडों से रवाना होनी चाहिए। निश्चित जगह से बसें रवाना न होने पर कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने टेंपो के रूट निश्चित कराने के निर्देश दिए।
कस्बे के अंदर न आएं स्लीपर बसें
बकेवर। डीएम, एसएसपी और एआरटीओ ने बकेवर कस्बे में निरीक्षण करके जाम लगने की समस्या देखी। डीएम ने फुटपाथों पर कब्जा देखकर नाराजगी जाहिर की। निर्देश देते हुए कहा कि स्लीपर बसों को कस्बे के अंदर आने पर प्रतिबंधित किया जाए। चौराहे पर सवारी भरने के लिए टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा न लगने के भी निर्देश दिए।