(फोटो संख्या 21) एनएच 2 से जरीखेड़ा जाने वाली सड़क गड्ढों में बदली हुई। संवाद
(फोटो संख्या 22) सिरहोल पुल से जगसोरा जाने वाली सड़क कई जगह धंस गई। संवाद
(फोटो संख्या 23) भारेश्वर शिवालय से चकरपुरा रोड पर धंसी सड़क। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। दो दिन हुई तेज बारिश के बीच सड़कें उखड़ने और कटने का सिलसिला शुरू हो गया है। कुछ माह पहले ही कराए गए पैचवर्क के काम भी बहने लगे हैं। ऐसे में अभी और बारिश होने पर बड़ी संख्या में सड़कों की दुर्गति होना तय माना जा रहा है। दो दिन की बारिश से सड़कों की सूरत बिगड़ने पर अब निर्माण और पैचवर्क के कार्य में उपयोग की सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शनिवार को भोर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश लगभग पूरे दिन हुई। रात में कुछ देर रुकने के बाद पानी फिर बरसने लगा था। वहीं रविवार को सुबह से शुरू हुई बारिश शाम को रुकी। इससे निर्माण इकाइयों की निगरानी में बनी सड़कों और गड्ढ़ा मुक्त अभियान के तहत भरे गड्ढों को कई सालों तक चलने के दावे ढेर होते नजर आने लगे हैं। जिले की कई सड़कें कट गई हैं।
वहीं, कई जगहों पर पैचवर्क उखड़ने से पानी भरने की समस्या हो गई है। वहीं अधिकारियों का दावे हैं कि सड़कों में निर्माण सामग्री का उपयोग बेहतर करने के निर्देश थे। सड़कें बारिश में आम तौर पर उखड़ने लगती हैं, लेकिन दो दिन की बारिश में ऐसा नहीं होना चाहिए था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
केस 1
मई में 38 लाख से बनी थी सड़क
चकरनगर। भारेश्वर शिवालय चकरपुरा रोड मई में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 38 लाख रुपये से लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था। कुछ माह पहले में बाद ही दो दिन की बारिश से सड़क कटने लगी है। मंदिर के पास ही सड़क कटने से मिट्टी धसक गई है। गांव के विनोद सेंगर ने बताया कि सड़क बनाने के दौरान ही ठेकेदार ने लीपापोती शुरू कर दी थी। इसका ग्रामीणों ने विरोध भी किया, लेकिन ठेकेदार ने मनमानी जारी रखी।
केस 2
छह माह पहले भरे गड्ढ़े, उखड़ने लगी गिट्टी
जसवंतनगर। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे से जारी खेड़ा गांव की तरफ जाने वाला मार्ग की लगभग 500 मीटर की सड़क का गड्ढ़ा मुक्त अभियान के तहत काम कराया गया था। छह माह पहले सड़कों को गड्ढ़े भरवाए गए थे। इसमें लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए थे। दो दिन की बारिश में पैचवर्क उखड़ने से सड़कों पर फिर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। इससे जलभराव की भी समस्या हो गई है।
केस 3
सिरहोल से जगसोरा मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे
लगभग एक किलोमीटर पर पैच वर्क किया गया था। इसमें दो लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए थे। धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ती जा रही है। सड़कों के किनारे फुटपाथ न होने से मिट्टी खिसक गई है। डामर और गिट्टी बहने लगा है। इससे सड़क बाइक सवार और साइकिल सवारों को परेशानी होने लगी है।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता नरेश चंद्र ने बताया कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि सड़कों की यह दुर्दशा हो जाए। यदि सड़कें अभी से कटने लगी हैं या गिट्टी और मिट्टी बहने लगी है तो गंभीर मामला है। निरीक्षण कराकर जिम्मेदारों और ठेकेदारों से जवाब-तलब किया जाएगा।