मंच पर श्रीराम भद्राचार्य से आशीर्वाद लेते पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा। संवाद
- फोटो : ETAWAH
इटावा। हम लोग अच्छे समय में जी रहे हैं। हमारे समय में श्रीराम मंदिर निर्माण, ट्रिपल तलाक, धारा 370 और 35ए समाप्त हुई। काशी के ज्ञानवापी पर हिंदुओं की याचिका पर सुनवाई होगी। आपत्ति की याचिका खारिज हो गई है। हिंदुओं के स्वाभिमान की रक्षा होनी चाहिए। हमारे समय में ही पाक अधिकृत कश्मीर भी मिलेगा।
ये बातें जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य ने मंगलवार की शाम को शहर के रामलीला मैदान में शुरू हुए प्रवचन के दौरान कही। श्रीराम कथा के शुभारंभ से आयोजक रविंद्र तिवारी ने पत्नी के साथ गुरु पूजन किया। कथा का शुभारंभ श्रीराम भद्राचार्य ने गणपति वंदना और माताओं, बहनों व बेटियों के मंगला चरण के साथ से किया।
जगद्गुरु ने कहा कि राम जैसा दुनिया में कोई नहीं है। व्यासपीठ से चुनौती भरे अंदाज में कहा यदि कोई दूसरा नाम बता दे तो श्रीराम कथा कहना छोड़कर उसका दास बन जाऊंगा। कहा परिवार को सुखी बनाना है तो रामजी की शरण में जाएं। निष्ठापूर्वक अपना काम करना ही रामजी की सबसे बड़ी पूजा है। कथा पंडाल में उपस्थित श्रोताओं से कहा उन्हें किसी तीर्थ में जाने की जरूरत नहीं है। यदि वे माता- पिता की सेवा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाते हैं तो उन्हें 99 करोड़ तीर्थ यात्रा का फल मिलता है। देवियों से कहा यदि वे अपनी सास के चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल हो गईं तो उन्हें पार्वती पूजा करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
मोदी जी निष्ठा से कार्य करें तो देश 10 वर्ष में हो जाएगा विकसित
श्रीरामभद्राचार्य ने प्रत्येक भारतीय को निष्ठा के साथ कार्य करने की सीख भी दी। कहा मोदी जी कहते हैं भारत 25 वर्ष में विकसित बन जाएगा। यदि मोदी जी निष्ठा से कार्य करें तो देश 10 साल में विकसित बन जाएगा। बताया कि रामलला अयोध्या में 14 जनवरी 2024 को गर्भ गृह में स्थापित हो जाएंगे। यह दिन उनके जीवन का 75वां साल भी होगा। इटावा भी ऋषियों की भूमि है। इसी भूमि से भगवान श्रीराम ने अश्वमेघ यज्ञ के लिए ईंटें मंगवाई थीं। पहले यह इष्टिकापुरी थी जो अब इटावा हो गया। कहा पितृपक्ष में उन्हें भी रामलीला मैदान में श्रीराम कथा कहने का सौभाग्य मिला है। उनकी यह 1356वीं श्रीराम कथा है।