चकरनगर। बारिश ओर तेज हवाओं से तहसील क्षेत्र के कई गांवों में किसानों की लहलहाती गेहूं की फसल चौपट हो गई हैं। वहीं, खेतों में कटी पड़ी सरसों को भी नुकसान पहुंचा है। किसान बिछी पड़ी फसल को देखकर निराश हैं। गुरुवार रात हुई बारिश ने फिर कहर बरपा दिया।
तहसील क्षेत्र के ही मानपुर और चांदई गांव में किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। बड़े किसानों की 30 से 40 फीसदी तो छोटे किसानों की 70 से 90 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई है। हवाओं से जमीन पर लेटी गेहूं की फसल में रोग लग जा रहा है। किसानों को अब घर की चिंता सताने के साथ ही चारा महंगा होने की आशंका सता रही है। कुछ किसानों को कर्ज चुकाने की भी चिंता हो रही है।
बची फसल भी गिरी
चांदई गांव के सतवीर ने बताया कि वह छोटे किसान हैं। उन्होंने बंटाई पर जमीन लेकर गेहूं की फसल की थी। लगभग 10 दिन पहले हुई बारिश और तेज हवाओं ने पहले ही फसलों को नुकसान पहुंचाया था। अब बची फसल गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह हुई बारिश ने गिरा दी है।
70 प्रतिशत तक फसल बिछी
चांदई गांव के प्रकाश ने बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल की थी। करीब 10 पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि ने 50 प्रतिशत क फसल खराब कर दी थी। अब फिर बारिश से करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है।
झड़ गई सरसों की फसल
मानपुरा के किसान किशन बिहारी दुबे ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। मैंने सरसों की फसल की थी। करीब 10 दिन पहले हुई बारिश में करीब 60 प्रतिशत तक फसल झड़ गई थी। अब खेत में कटी पड़ी फसल बर्बाद हो गई।
इलाज कराने के भी नहीं रुपये
मानपुरा गांव के चंद्रप्रकाश ने बताया कि वह बंटाई पर खेत लेकर खेती किसानी करते हैं। सोचा था अच्छी फसल हो जाएगी तो अपना इलाज करा लूंगा, लेकिन बारिश ने सब बर्बाद कर दिया।
कोट...
एसडीएम मलखान सिंह ने बताया कि सर्वे कराया जा रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश में 10-15 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका थी। अब शुक्रवार को हुई बारिश का सर्वे भी जुड़वाया जा रहा है। किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
- मलखान सिंह, एसडीएम चकरनगर।