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टूट गई पुलिया, बह गई सड़कें

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चकरनगर। बाढ़ और बारिश में खस्ताहाल हुए रास्तों की सुध नहीं ली जा रही। चकरनगर-भरेह मार्ग की पुलिया एक साल पहले बाढ़ के कारण टूट गई थी, जिसे अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया। इस मार्ग पर अलग-अलग जगहों पर सड़क बारिश में बह चुकी है। हादसे का डर बना रहता है लेकिन लोक निर्माण विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
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मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद बीहड़ की सड़कों की हालत सुधरने की भी आस जगी है। लखना-सिंडोस मार्ग पर जगह-जगह बरसात के पानी से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। वाहन चालक दीपक, सत्यपाल, बड़े सिंह, प्रयाग कुमार ने बताया कि हादसे का डर रहता है। ढकरा पुलिया की हालत भी नहीं सुधर रही है। यहां एमपी की ओर से आने वाले बड़े वाहनों का आवागमन बंद है। दिलीप कुमार, प्रदीप कुमार, राघवेंद्र सिंह, सुनील यादव, नृपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें पुलिया के निर्माण का इंतजार है।
सहसो-चंबल पुल मार्ग भी खराब
सहसो-चंबल पुल के दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पुल को जोड़ने वाली दोनों तरफ की सड़क भी पिछले कई वर्षों से खराब हैं। वाहनों के गुजरते समय हादसे की आशंका रहती है। सहसों में कई वर्षों से सड़क को दुरुस्त करने के नाम पर मात्र खानापूरी की जा रही है। पैचवर्क होते ही उखड़ जाता है।
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बाढ़ से उखड़ गई चार किलोमीटर की सड़क
गढ़ा कास्दा-सिकरोडी मार्ग पर बाढ़ के दौरान पानी भर गया था। करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क उखड़ गई थी। यहां के नीरज तिवारी, टीटू खान व रामकुमार बताते हैं कि सड़क पिछले वर्ष ही बारिश में खराब हो गई थी। शायद इस बार मुख्यमंत्री का फरमान का असर हो और संपर्क मार्ग ठीक हो जाए। यही मार्ग यमुना पुल को औरैया सीमा से जोड़ता है।
जो भी सड़कें बारिश से खराब हुई हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के लिए इस्टीमेट बनाया गया है। बाढ़ आपदा से धन मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। कुछ सड़कों के लिए पिछले वर्ष भी बजट मांगा गया था लेकिन अभी तक नहीं मिला है। इस बार मिलने की पूरी उम्मीद है। - गगन पाल, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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