पीएसआई के सहयोग से सीएमओ कार्यालय में बैठक में वक्ताओं ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। परिवार नियोजन समेत सभी स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में निजी अस्पतालों का भी योगदान है। परिवार नियोजन, मातृत्व स्वास्थ्य, टीकाकरण और क्षय उन्मूलन कार्यक्रम समेत सभी स्वास्थ्य सेवाओं और उनकी गुणवत्ता में सुधार के लिए निजी और सरकारी अस्पतालों का आपसी समन्वय बहुत जरूरी है।
यह बात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवचरन ने स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था पापुलेशन सर्विस इंटरनेशनल (पीएसआई) इंडिया के सहयोग से सीएमओ कार्यालय के आयुष्मान सभागार में आयोजित बैठक में कही।
एसीएमओ ने कहा कि निजी चिकित्सा इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए परिवार नियोजन एवं चिकित्सा सेवाओं में सहभागिता और नियमित समय से रिपोर्टिंग की जाने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार होगा। साथ ही आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। जनसंख्या नियोजित करने में निजी क्षेत्र की भूमिका अहम है।
बड़ी संख्या में महिलाएं निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के पास जाती हैं, ऐसे में निजी क्षेत्र में क्षमता वर्धन करना बहुत जरूरी है। शहरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि निजी अस्पताल एचएमआईएस पोर्टल पर स्वास्थ्य संकेतक संबंधी आकड़ों को समय से अपलोड करें जिससे कि लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें।
पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधि शीला रावत ने संस्था के कार्यक्रमों की जानकारी दी। बताया कि प्रसव के बाद प्रसूता को अस्पताल में परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों के बारे में जरूर जानकारी दें। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी रोगियों की काउंसलिंग करने के बारे विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
सुझाव दिया गया कि निजी अस्पतालों में परिवार नियोजन कार्नर बनाया जाए। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. एसपी गुप्ता, डॉ. डीके सिंह, जिला परिवार नियोजन लॉजिस्टिक प्रबंधक अमित विश्वकर्मा, अनुज अहाना, विकास व निजी चिकित्सालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।