इटावा। जिला कारागार से भागे बंदी को पुलिस ने अलीगढ़ बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। घटना में लापरवाही बरतने वाले बंदी रक्षक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस मामले में रविवार को डीआईजी जेल ने जिला कारागार पहुंचकर ढाई घंटे जांच की थी।
औरैया जिले के बिधूना थाना क्षेत्र के जरियापुर गांव निवासी अजय कुमार को लड़की अगवा करने के मामले में औरैया पुलिस ने गिरफ्तार कर 27 अक्तूबर 2023 को जिला कारागार भेजा था। 23 दिसंबर को बंदी अजय को जेल की बगिया में अन्य बंदियों संग काम कराने के लिए ले जाया गया था। बंदी रक्षक श्रीकांत अवस्थी ने बंदी अजय को ही बगिया में ताला लगाने की चाबी दे दी। मौका पाकर आरोपी जेल की दीवार पर चढ़कर निर्माणाधीन रामनगर ओवर ब्रिज की मौरंग पर कूदकर भाग गया था। इसमें बंदी रक्षकों की लापरवाही की बात सामने आई थी।
तब फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडे ने बंदी रक्षक श्रीकांत अवस्थी, सचिन कुमार, संजू यादव, चिन्मय काका और केशव कुमार निलंबित कर दिया था। रविवार शाम पांच बजे डीआईजी शिवहरी मीणा जिला कारागार पहुंचे थे और बगिया के बाहरी तरफ बनी दीवार को देखा था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी अजय डेढ़ माह से बगिया में काम कर रहा था। तभी उसने दीवार को चिह्नित कर लिया था।
बंदी अजय की तलाश के लिए एसओजी, सर्विलांस टीम व थाना सिविल लाइन से तीन टीमों का गठन किया गया था। सिविल लाइन पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक र्सविलांस व मैनुअल साक्ष्यों से बंदी का पता लगाकर अलीगढ बस स्टैंड से सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। लापरवाही करने वाले बंदी रक्षक श्रीकांत अवस्थी को जेल परिसर से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया।