इटावा/निवाड़ीकला। जिले में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय खोला जाएगा। 10 एकड़ जमीन पर बनने वाले विद्यालय में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई होगी। डेढ़ हजार विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सकेगा। सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस इस विद्यालय का निर्माण परिषदीय स्कूल की जमीन पर होगा।
शर्त यह है कि परिषदीय स्कूल के पास जरूरत के मुताबिक जमीन हो। बेसिक शिक्षा विभाग न मानकों के आधार पर विद्यालय का चयन शुरू कर दिया है। कुछ विद्यालयों की सूची डीएम के पास भेजी गई है। स्वीकृति के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
बताया गया है कि मुख्यमंत्री की ओर से हर जिले में एक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल खोल के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि इसके ऐसे विद्यालय का चयन किया जाए, जिसके पास 10 एकड़ तक जमीन उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास के अलावा, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग सेंटर के साथ मॉड्यूलर लैब आदि की सुविधा होगी। प्री नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक प्रत्येक कक्षा में तीन-तीन सेक्शन होंगे। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य, शिक्षक संवर्ग व कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन बनाए जाएंगें। यहां स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होगी।
रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग सेंटर के साथ कक्षा एक से कक्षा आठ तक कंपोजिट विज्ञान व गणित लैब बनाई जाएगी। कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान की मॉड्यूलर लैब, कंप्यूटर लैब व लैंग्वेज लैब भी बनाई जाएगी। सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग पुस्तकालय होंगे। खेल का मैदान और ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाॅल भी होगा। सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन इकाई स्थापित की जाएगी। वाटर प्लांट, मिडडे मील किचन, डायनिंग हाल, वाशिंग एरिया, हैंड वाशिंग यूनिट की व्यवस्था भी होगी। गुरुवार को तहसीलदार राजकुमार सिंह , बीईओ धर्मेंद्र प्रसाद व लेखपाल प्रवीण कुमार ने प्रधान के प्रतिनिधि धीरज के साथ मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए निवाड़ीकला के उच्च प्राथमिक विद्यालय और इससे लगी जमीन का भौतिक निरीक्षण किया।
सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
मिडडे मील शेड, बाल वाटिका, पोषण वाटिका, बाल सुलभ फर्नीचर, मॉड्यूलर डेस्क व बेंच, वाई-फाई की सुविधा और सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था बनेगी।
निजी स्कूलों से बेहतर होंगी सुविधाएं
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर, ग्रीन बेल्ट के साथ ही पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, रसोईघर आदि की बेहतर व्यवस्था भी होगी। इन स्कूलों को हाईटेक संसाधन के साथ खेलकूद समेत अन्य सुविधाओं से लैस करते हुए पंजीकृत विद्यार्थियों को शिक्षा निजी स्कूलों से बेहतर मिलेगी। यही नहीं आधुनिक कंप्यूटर ज्ञान के साथ स्क्रीन पर शिक्षण कार्य करने की सुविधा मिलेगी। जहां बच्चों का बौद्धिक विकास होगा। वहीं स्कूल में शिक्षा के साथ संचालित अन्य गतिविधियों से उनके शारीरिक विकास में भी मदद मिलेगी।
कोट-
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए शासन से जो निर्देश मिले हैं, उसी अनुरूप जिले के कुछ विद्यालयों को चिह्नित कर सूची डीएम को भेजी गई है। अंतिम चयन होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
- डॉ. राजेश कुमार बीएसए।