इटावा। जिले में ऑटो चालकों की मनमानी से यात्रियों की जान खतरे में है। 16 किलोमीटर का परमिट लेकर ऑटो चालक मनमाने रूटों पर भिंड, अजीतमल और शिकोहाबाद तक करीब 60 किलोमीटर तक की दौड़ लगा रहे हैं। यही वजह है कि क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर हाईवे पर दौड़ रहे ऑटो हादसों के शिकार बन रहे हैं।
पर्याप्त रोडवेज और निजी बसें होने के बावजूद ऑटो चालक नियमों का उल्लंघन करके खुलेआम क्षमता से अधिक सवारियां भर रहे हैं। यही नहीं 60 किलोमीटर तक सवारियां लेकर जा रहे हैं, जबकि इसके लिए उनके पास परमिट तक नहीं है। रोडवेज बस स्टैंड तिराहा, चौधरी पेट्रोल पंप, एसएसपी चौराहा, वन विभाग का चौराहा, टिक्सी मंदिर नाका से ऑटो चालक यात्रियों को कम किराया और बसों से जल्दी पहुंचाने का लालच देकर बैठा लेते हैं। तीन सीटर ऑटो में 10 से 12 सवारियां लेकर भिंड, महेवा, औरैया के अजीतमल, फिरोजाबाद जनपद के शिकोहाबाद तक सवारियां ढो रहे हैं। खुलेआम सवारियों को भरकर दिनभर यह वाहन दौड़ते हैं। आए दिन ऑटो चालकों की मनमानी के चलते लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। उस समय जिम्मेदार संज्ञान लेकर कार्रवाइयां कर देते हैं लेकिन कुछ दिन स्थितियां ठीक रहने के बाद फिर वही हालात हो जाते हैं।
इसके अलावा. परिवहन विभाग के आंकड़ों में 625 ऑटो ही पंजीकृत हैं। हालांकि शहर से लेकर गांवों तक लगभग 1500 ऑटो दौड़ रहे हैं। ऐसे में लगभग 900 वाहन बिना पंजीकरण के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। शहर में ही करीब 1000 ऑटो सड़कों पर दिनभर दौड़ते नजर आते हैं।
यह हैं नियम
ऑटो का परमिट शहर से जुड़े 16 किलोमीटर के दायरे में चलाने का होता है। इसके बावजूद चालक मनमानी दिखाते हुए यात्रियों से अधिक रुपये वसूलकर अन्य जनपदों तक ऑटो से पहुंचा रहे हैं। ऑटो में सिर्फ तीन सवारियां ही बैठाने की अनुमति होती है, लेकिन चालक आगे वाली सीट पर अपने पास ही तीन सवारियां बैठाते हैं। पीछे पटरा लगाकर छह से सात सवारियां बैठाकर दिनभर तेज रफ्तार वाहन दौड़ाते हैं।
चंबल पुल बंद होने से ऑटो चालकों की चांदी
लगभग एक साल से ग्वालियर को जोड़ने वाला चंबल पुल बंद है। ऐसे में भिंड ग्वालियर जाने वाली बसों की संख्या कम हो गई है। कुछ ट्रांसपोर्टर ही अपनी बसें पुल के दोनों तरफ खड़ी कराकर यात्रा करा रहे हैं। पुल बंद होने से ऑटो चालकों की चांदी हो गई है। ऑटो चालक टिक्सी मंदिर नाके पास से यात्रियों को कम दाम में सीधे भिंड पहुंचाने की बात कहकर बैठा लेते हैं। इसे लेकर बस संचालकों में आक्रोश भी है।
सभी ऑटो को सिर्फ तीन सवारियां बैठाने की अनुमति है। लगातार यातायात पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही हैं। शहर से बाहर जाने वाले ऑटो को चिह्नित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से भी आग्रह है कि वह ऑटो से सिर्फ शहर का ही सफर करें। बाहर बस और ट्रेनों से ही जाएं।
- ब्रजेश सिंह, एआरटीओ।