इटावा। जिले में हादसों की संख्या और उसमें जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन लोगों की मनमानी और एनएचएआई की अनदेखी कोहरों में हादसों की संख्या फिर बढ़ा सकती है। जसवंतनगर से लेकर बकेवर क्षेत्र तक ग्रामीणों ने सुविधाओं के लिए बनाए अवैध कट खुद के साथ ही वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। वहीं संकेतांकों और चेतावनी बोर्डों की कमी भी कोहरे में हादसों को बढ़ाने का काम करेगी।
हर माह पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और परिवहन विभाग की अधिकारियों के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कराई जाती है। इसमें हादसों में कमी लाने के लिए रणनीति बनाई जाती है। साथ ही यातायात नियमों का पालन कराने के साथ ही हाईवे पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे हादसों का सबब बनकर रह गया है। पिछली साल की अपेक्षा इस साल हादसों में 22.99 प्रतिशत कमी आई है। मृतकों की संख्या भी 16.43 प्रतिशत कम हुई है, लेकिन नेशनल हाईवे पर हाईवे किनारे बसे गांवों के लोग डिवाइडरों की पट्टी तोड़कर मौत के शॉर्टकट रास्ते बना ले रहे हैं। यह उनके साथ ही हाईवे पर दौड़ रहे वाहनों के लिए खतरा बनाए रखता है। आए दिन लापरवाही की वजह से किसी-किसी की मौत होती है। कई बार बड़े हादसे भी हो जाते हैं। उधर, सबकुछ जानकर भी एनएचएआई कोई पुख्ता इंतजाम नहीं करा पा रही है। नेशनल हाईवे पर जसंवतनगर से लेकर बकेवर थाना क्षेत्र में लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में लगभग 40 अस्थाई अवैध कट ग्रामीणों ने बना रखे हैं।
सरायभूपत से लेकर कुरसेना तक छह अवैध कट, चेतावनी बोर्ड नहीं
जसवंतनर। आगरा कानपुर हाईवे पर सराय भूपत से लेकर कुरसेना तक लगभग नौ किलोमीटर के क्षेत्र में लगभग छह अवैध कट हैं। भावलपुर के समीप पेट्रोल पंप के सामने कुरसेना के समीप, सेंट पीटर्स के सामने, भुवनेश पेट्रोल पंप के सामने, ग्राम दुढहा के सामने, मलाजनी में कृष्ण ढाबे के सामने अवैध कट पर आए दिन हादसे भी होते हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगे हैं।
साढ़े चार किलोमीटर के दायरे में एक भी चेतावनी बोर्ड नहीं
इकदिल। इकदिल क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर गांव नग्ला के सामने हादसे का प्वाइंट बना हुआ है। यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। दोनों तरफ गांव होने की वजह से ग्रामीणों ने आधा किलोमीटर का चक्कर बनाने की वजह से डिवाइडर के किनारे तोड़कर शॉर्टकट बना लिया है। दिनभर दोनों गांवों के लोगों की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है। ऐसे में यहां रोज हादसे होते रहते हैं।
गोवंशों को हटाने का अभियान भी हुआ फुस्स
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में गोवंशों की वजह से नेशनल हाईवे पर हादसे होने की वजह सामने आई थी। ऐसे में अभियान चलाकर गोवंशों को हटाने का एनएचएआई ने आश्वासन दिया था। इसमें नगर निकायों का सहयोग मांगा था, लेकिन नगर निकायों का सहयोग न मिलने से एक दो दिन अभियान चलने के बाद रुक गया और गोवंश अभी भी हाईवे पर ही डेरा डाले हुए हैं।
वर्जन
एआरटीओ ब्रजेश यादव ने बताया कि लगातार हादसों को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे पर अधिकांश कट बंद करा दिए गए हैं। यदि ग्रामीणों ने फिर से खोल लिए हैं तो उन्हें फिर बंद कराने के लिए एनएचएआई से बात की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से भी वहां से न निकलने के लिए आग्रह किया जाएगा।