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निकाय चुनाव तक झेलना पड़ेगा जाम का झाम

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इटावा। करीब तीन लाख से अधिक शहरी बाशिंदों को फिलहाल जाम की समस्या से निजात नहीं मिलने वाली है। महीनों से मास्टर प्लान सिर्फ चर्चा में है, अभी तक तैयार नहीं हो सका। यातायात माह में भी इसके लागू न होने से लोग घंटों जाम से जूझ रहे हैं। पार्किंग न होने और बाजारों में अतिक्रमण से जाम की समस्या और गहरा गई है।
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सुबह 10 बजे से ही शहर में जाम लग जाता है। तिकोनिया चौराहा, पक्की सराय, नया शहर, नौरंगाबाद चौराहा, बजाजा लाइन, साबितगंज, राजागंज, होमगंज, बस स्टैंड तिराहे, महेरा चुंगी, रामनगर क्रॉसिंग पर लोग घंटों फंसे रहते हैं। लोगों का कहना है कि नो एंट्री में भी कारें और भारी वाहनों के जाने से समस्या बढ़ जाती है।
स्कूलों की छुट्टी के समय दोपहर दो बजे स्थिति और बिगड़ जाती है। पार्किंग की व्यवस्था न होना भी जाम का कारण है। कई बार उद्योग बंधु और व्यापार मंडल की बैठक में समस्या उठाए जाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। अब निकाय चुनाव के बाद मास्टर प्लान तैयार किए जाने की बात जिम्मेदार कह रहे हैं।
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ये हैं मास्टर प्लान में प्रस्तावित बिंदु
- तिकोनिया के दोनों ओर पार्किंग के लिए जगह चिह्नित की जाएगी, ताकि बड़े वाहनों को वहां खड़ा कराया जा सके।
- पूरे बाजार में डिवाइडर लगवाकर यातायात व्यवस्थित किया जाएगा।
- फुटपाथों को पैदल चलने वालों के लिए व्यवस्थित कराएंगे।
- नोएंट्री की व्यवस्था बदलने के लिए व्यापारियों से सुझाव लिए जाएंगे।
- रोडवेज बसों के रूट में बदलाव कराया जाएगा।
बाजार में पार्किंग न होने से समस्या
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उप्र के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित का कहना है कि बाजार में पार्किंग की व्यवस्था न होने से जाम की समस्या गहरा गई है। इसमें फंसकर लोगों का समय बर्बाद होता है।
चिकित्सक व व्यापारी नेता डॉ. आशीष दीक्षित का कहना है बाजार में व्यापारियों का सामान नालियों के आगे लगा रहता है। दिन भर सामान उतरने से अक्सर जाम लगा लग जाता है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन ने बताया कि बस स्टैंड तिराहे पर रोडवेज बसों के सड़क पर खड़े होने से जाम लगता है। दुकानदारों को काफी दिक्कतें होती हैं।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नगर अध्यक्ष ओम रतन कश्यप ने कहा कि स्कूली बसों के बाजार में आने पर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती हैं। गांधी पार्क को पार्किंग के लिए चिह्नित किया लेकिन कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन ने कहा सराफा बाजार व होमगंज सबसे ज्यादा जाम से ग्रस्त रहते हैं। पैदल निकलना तक मुश्किल होता।
लघु उद्योग भारती के जिला संयोजक भारतेंद्र नाथ भारद्वाज ने बताया कि रामगंज, साबितगंज सबसे व्यस्ततम रोड हैं। इसके बावजूद यहां के लिए कोई इंतजाम नहीं है। रोज जाम लगता है।
अधिशासी अधिकारी विनय मणि त्रिपाठी ने बताया कि जाम को लेकर नगर पालिका ने कुछ महत्वपूर्ण प्वाइंट चिह्नित किए हैं। नगर पालिका, एआरटीओ, पुलिस प्रशासन की एक साथ बैठक से मास्टर प्लान निष्कर्ष पर पहुंच सकेगा। अब नया बोर्ड गठित होने के बाद नए सिरे से इस पर अमल हो सकेगा। पालिका के पास पर्याप्त जगह पार्किंग स्थल बनाने के लिए है। यदि रामनगर पर ओवरब्रिज बन जाए तो जाम की समस्या से काफी राहत मिल जाएगी।
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