इटावा। टूटी सड़कों से उड़ते धूल के गुबार के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सांस लेने में परेशानी और आंखों में एलर्जी की समस्या बढ़ गई है।
फर्रुखाबाद हाईवे पर सालों से खराब सड़क लोगों की दुश्वारियां बढ़ा रही है। यहां से भारी वाहन निकलने पर पीछे चलने वालों की सांस फूल जाती है। दिनभर धूल उड़ती रहती है। इटावा-बरेली हाईवे पर एक साल से सड़क जर्जर है। भरथना चौराहे से लेकर बसरेहर और चौबिया तक की सड़क पर सिर्फ गड्ढ़े ही गड्ढ़े हैं।
टूटीं सड़कों पर उड़ती धूल के कारण राहगीर कपड़े से मुंह ढकते हैं लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होता। बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होती है। वहीं बच्चों की आंखें भी लाल हो रही हैं।
सांस लेना दूभर, हादसे का डर
- टूटी सड़क से निकलने पर दुर्घटना होने का डर बना रहता है, वहीं दूसरी तरफ धूल लोगों की बीमार कर रही है। सांस लेने में परेशानी हो रही है। - सतीश यादव, आढ़ती
- इटावा-बरेली हाईवे से दिन भर में हजारों वाहन निकलते हैं। सड़क पूरी तहरी टूट चुकी है। वाहनों के निकलने के कारण दिन भर धूल उड़ा करती है। - रोहित शाक्य, व्यापारी
336 करोड़ की लागत से बनना है हाईवे
इटावा- बरेली हाईवे के चौड़ीकरण के लिए336 करोड़ का बजट पास हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, इसके बाद भी प्रशासन की ओर से पैचवर्क नहीं कराया गया हैं।
- डॉ. एमएम पालीवाल ने बताया कि वायुमंडल में धूल के कण स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक है। यह सांस के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। धूल के कण अस्थमा और एलर्जी जैसी कई बीमारियों का कारण बनते हैं।
-डॉ. मनोज यादव ने बताया कि सड़कें खराब होने की वजह से प्रदूषण भी बढ़ता है। प्रदूषण और धूल का गुबार लोगों को बीमार कर रहे हैं। अस्थमा और सांस के मरीजों को परेशानी होती है। त्वचा संबंधी रोग भी बढ़ते हैं।