ताखा। जाफरपुरा में एक परिवार पात्र होेने के बाद भी पीएम आवास से वंचित है। परिवार के मुखिया का आरोप है कि 2019-20 में जिम्मेदार अफसरों ने पक्का मकान दिखाकर उसका नाम पात्रता सूची से हटा दिया। तीन साल से वह अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। बीडीओ ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।
ग्राम पंचायत दींग के मजरा जाफरपुरा में सत्यराम का परिवार झोपड़ी में ठंड से ठिठुर रहा है। वह मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार गुहार लगाने के बाद वर्ष 2019-20 की पात्रता सूची में उसका नाम पीएम आवास के लिए चयनित हुआ था। आरोप है कि एक अधिकारी ने आवास के लिए 20 हजार रुपये मांगे।
उन्होंने असमर्थता जताई तो उनके पास पक्का आवास होने की रिपोर्ट लगाकर नाम सूची से हटा दिया गया। इसके बाद वह तहसील दिवस और ब्लॉक अफसरों के पास गए पर अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। सर्दी में झोपड़ी में रात काटना मुश्किल हो रहा है। परिवार में पत्नी गीता देवी, बच्चे मोहित, रोहित, मोहिनी, रोहिनी हैं।
बीडीओ ताखा यदुवीर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराएंगे। यदि पात्र हैं तो पीएम आवास दिलाया जाएगा।