- शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर ओपीडी बंद होने पर ट्रामा सेंटर में दिखाने पहुंचे कई मरीजाें को लौटाया गया
- बुधवार को आयुर्विज्ञान विवि में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक मरीज देखने और उनके साथ अच्छा व्यवहार करने की दी थी नसीहत
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/सैफई। सूबे के मुख्यमंत्री की ओर से दी गई हिदायत भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने नहीं मानी। यही वजह रही कि शुक्रवार को अवकाश के दिन इमरजेंसी में दिखाने पहुंचे तमाम मरीजों ओपीडी में दिखाने की सलाह देकर डॉक्टरों ने लौटा दिया। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर इलाज लेना पड़ा।
बुधवार को आयुर्विज्ञान विवि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 500 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का लोकापर्ण किया था। इस दौरान उन्होंने करीब 32 मिनट के भाषण में अधिकांश समय डॉक्टरों को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने और अधिक से अधिक मरीज देखने की सलाह दी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को महाशिवरात्रि के अवकाश के दिन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में मरीज तड़पते नजर आए। अवकाश की वजह से ओपीडी बंद होने की वजह से करीब चार सौ मरीज ट्रामा सेंटर में आए। इनमें से 20-25 मरीजों को डॉक्टरों ने सामान्य बीमारी बताकर ओपीडी में दिखाने के लिए कहा। इस पर मजबूरी बस कई मरीज निजी अस्पतालों में दिखाने के लिए गए। वहीं जो भर्ती हुए उन मरीजों के तीमारदारों को खुद ही स्ट्रेचर घसीटना पड़ा। ऑक्सीजन लाने के लिए भी उन्हें खुद ही दौड़ लगानी पड़ी।
-
फोटो 27:::::स्ट्रेचर पर लेटी मुन्नी देवी। संवाद
केस 1
पांच घंटे तड़पीं बुजुर्ग...तब नहीं किया भर्ती::::
इटावा के नसीदीपुर गांव निवासी आजाद बाबू ने बताया कि उसकी मां मुन्नी देवी (70) शुक्रवार सुबह शौच क्रिया करने गई थीं। इस दौरान वह फिसलकर गिर गईं और उनके दोनों पैर टूट गए। उन्हें ट्रामा सेंटर में दिखाने के लिए लाए हैं। सुबह 11 बजे से मां तड़प रही है, लेकिन चार बजने को आया अभी तक भर्ती नहीं किया है। गरीबों को अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं है। अब निजी अस्पताल में ही ले जाकर दिखाएंगे।
फोटो 28:::::ट्रामा सेंटर में भर्ती होने के लिए स्ट्रेचर पर भर्ती करने का इंतजार करते रजत। संवाद
केस 2
बेटे को लगी चोट...चार घंटे में भी नहीं मिल पाया इलाज:::::
जिला मैनपुरी के मोहला मोहनपुर निवासी अखिलेश कुमारी ने बताया कि उसके पुत्र रजत (14) शुक्रवार सुबह खेलते वक्त गिर पड़ा था। इससे उसके पैर में चोट लग गई थी। सोचा था कि मेडिकल कॉलेज में अच्छा इलाज मिल जाएगा, इसलिए यहां लाए थे। लेकिन 12 बजे से बेटा स्ट्रेचर पर पड़ा है कोई सुनवाई नहीं। कह रहे हैं सोमवार को दिखाने आना।
फोटो 29::::::स्ट्रेचर पर भर्ती होने के लिए बैठीं जमीला। संवाद
निजी वाहन से लाए...स्ट्रेचर भी खींचा, लेकिन मां को नहीं दिला पा रहे इलाज:::::
जिला कासगंज के मोहला बंधु नगर गली नंबर 1 निवासी शान मोहम्मद ने शाम लगभग साढ़े तीन बजे ट्रामा सेंटर में दुखी खड़े थे। पूछने पर बताया की उनकी मां जमील फातमा (60) की तबीयत खराब हो गई थी, तेज बुखार के साथ पूरा बदन टूट रहा है। इस पर 11 निजी बाहन से इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर लेकर आए थे। स्ट्रेचर से खुद ही मां को अंदर तक ले गए, लेकिन लगभग साढ़े चार घंटे के बाद अब सोमवार को दिखाने के लिए कहा है।
फोटो 30:::::सिलिंडर खींचकर लाता आकाश। संवाद
केस 4
घंटों इंतजार कराया...फिर पिता को बचाने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर खिंचवाया:::::
इटावा के मोहला अड्डा तिल निवासी आकाश कुमार ने बताया कि उसके पिता राम प्रमोद (51) सांस के मरीज हैं। शुक्रवार सुबह उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर लगभग पौने 12 बजे ट्रामा सेंटर लेकर आए थे। यहां स्ट्रेचर से खुद ही पिता को अंदर ले गए। भर्ती करने में लगभग साढ़े तीन घंटे लगा दिए। अब ऑक्सीजन प्लांट से सिलिंडर लाने के लिए कहा है। पिता को बचाना है तो वह भी खुद ही खींचकर लाना पड़ा।
वर्जन
किसी भी मरीज को लौटाया नहीं गया है। जो मरीज ठीक स्थिति में थे, उन्हें प्राथमिक उपचार देकर सोमवार को दिखाने की सलाह दी गई है। गंभीर मरीजों को तत्काल ट्रामा सेंटर में भर्ती करने के निर्देश हैं।
- डॉ. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक