इटावा। भगवान श्रीराम जैसे शासक और आज्ञा पालक पुत्र होना आसान नहीं हैं। वह सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यह बात विजय कौशल महाराज ने मंगलवार से प्रदर्शनी पंडाल में दिव्य प्रेम सेवा मिशन की पांच दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन कही।
उन्होंने श्री रामचंद्र जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भक्त नरसी की कथा का वर्णन किया। कहा कि पुत्री की ससुराल से आया भात का पत्र द्वारकाधीश के चरणों में रखकर नरसी भगत निवेदन करने लगे। नंद नंदन बांके बिहारी ने उनकी अर्जी को सुना। उनकी पुत्री के लिए जो भात की व्यवस्था की उसे इटावा की जनता से बेहतर कोई नहीं जानता। गलन भरी ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में राम भक्त कथा पंडाल में मौजूद रहे। कथा का समय दोपहर एक बजे से है। श्रीराम कथा का शुभारंभ प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह ने भगवान श्रीराम और माता सीता के चित्र के समक्ष दीप जला कर किया। मुख्य यजमान एमपी सिंह तोमर व बबीता तोमर ने व्यास पीठ की पूजा की।
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राम हैं तो भारत है : कुंवर बृजेश सिंह
इटावा। राम हैं तो भारत है, भारत है तो राम हैं। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला 500 वर्षों बाद अपने भवन में विराजने वाले हैं। इस मौके पर अयोध्या में प्रथम दिन से कार्यक्रम शुरू हुए हैं। सौभाग्य की बात है कि प्रथम दिन से इटावा में भी श्रीराम कथा शुरू हो रही है। यह बात प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने मंगलवार को प्रदर्शनी पंडाल में श्रीराम कथा का शुभारंभ करने के बाद कही। राज्यमंत्री ने कहा कि इष्टिकापुरी (इटावा) ऐतिहासिक नगर है। यह 1857 की क्रांति का गवाह है। उन्होंने कथा पंडाल में बैठे लोगों से कहा कि 22 जनवरी को वह दिवाली मनाएं। बताया कि श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा उद्घाटन का जश्न मनाने के अमेरिका मॉरीशस के मंदिरों में ''''रामायण'''' का जाप किया जाएगा। पूरा विश्व भगवान राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के समय दिवाली मनाने जा रहा है। कथा व्यास कौशल जी महाराज, सदर विधायक सरिता भदौरिया, दिव्य प्रेम सेवा मिशन संरक्षक डॉ. आशीष गौतम, राष्ट्रीय संयोजक राघवेंद्र सिंह, राष्ट्रीय संयोजक संजय चतुर्वेदी, युवा शक्ति राष्ट्रीय संयोजक जयवीर सिंह, कथा संयोजक रामकुमार चौधरी आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन कवि रोहित चौधरी ने किया। (संवाद)