फोटो-19- (फोटो 19) क्रासर - पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का मुआवजा लेने के लिए जिले के सिर्फ 200 किसान ही सामने आए हैं। जबकि बीमा करीब 16 हजार किसानों ने करा रखा है। इतनी कम संख्या में आवेदन पहुंचने से साफ है कि किसानों में या तो जागरूकता की कमी है या फिर नियमों की जानकारी नहीं है।
प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं। बीते रविवार की रात और फिर सोमवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि के कारण खासतौर से लखना, बकेवर व चकरनगर के कुछ क्षेत्र में गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान हुआ। फसल खेत पर ही बिछ गई। ऐसे में किसानों को फसल बीमा का लाभ देने की तैयारी प्रदेश सरकार की ओर से की गई है।
यूनिवर्सल जनरल इंश्योरेंस कंपनी के राज्य प्रमुख रवि ग्रोवर के मुताबिक अभी तक इटावा जनपद के करीब 200 किसानों ने फसल बीमा के तहत मुआवजा लेने के लिए आवेदन किया है। हालांकि आवेदन आने की प्रक्रिया अभी जारी है। जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष रबी सीजन में करीब 16 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है।
बीमित किसानों की इतनी बड़ी संख्या होने के बाद भी सिर्फ 200 किसानों की ओर से ही मुआवजे के लिए आवेदन करना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल है कि किसानों का बीमा करने के बाद कंपनी की ओर से क्या उन्हें जागरूक नहीं किया गया। या फिर योजना के तहत वह नियम है जिसमें 33 फीसदी या इससे ज्यादा फसल खराब होने पर ही योजना का लाभ मिलने का प्रावधान है। बीमा कंपनी के राज्य प्रमुख का कहना है कि जिले के करीब 200 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। इन्हें मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। जिले के कुल किसानों के सापेक्ष बीमा कराने वाले हैं, यही कारण है कि मुआवजे के लिए आवेदन भी कम आए है।
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किसानों ने बताई परेशानी
फोटो-27 बहादुरपुर गांव निवासी किसान शिशुपाल बताते हैं कि उनके खेत में 15 बीघा गेहूं की फसल थी, जिसमें से एक खेत में तो 80 फीसदी फसल को नुकसान है लेकिन उनके पास न तो लेखपाल ही सर्वे करने के लिए आए और न ही बीमा कंपनी का कोई अधिकारी आया। जबकि उन्होंने बीमा करा रखा है।
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ग्राम बहादुरपुर निवासी छेदा सिंह कहते हैं कि 25 बीघा गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ। सरसों की फसल खेत में कटी हुई पड़ी थी। उसमें भी बारिश का पानी व ओलों से नुकसान हुआ था लेकिन, अभी तक नुकसान का आकलन करने कोई नहीं आया है। उन्होंने फसल बीमा कराया है। अब नुकसान की भरपाई को लेकर चिंता है।
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नोटिस देकर पूछा, किसानों को कम मुआवजा दिए जाने का कारण
खरीफ सीजन में किसानों को कम मुआवजा दिए जाने के मामला का उपनिदेशक कृषि आरएन सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बीमा कंपनी को नोटिस जारी करके पूछा है कि आखिर किसानों को किन नियमों के तहत कम मुआवजा उपलब्ध कराया गया। उन्होंने सात दिन में इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। नोटिस जारी होने के बाद बीमा कंपनी में भी खलबली मची है।