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Etawah News: पुराने शुरू नहीं, नए एमआरएफ सेंटर के लिए मिले ढाई करोड़

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इटावा। शहर में बनवाए गए चार एमआरएफ सेंटर मशीनें न लगने से चालू भी नहीं हो पाए हैं और स्वच्छ भारत मिशन 2 के तहत पांच और ऐसे सेंटर बनाने के लिए शासन ने ढाई करोड़ का बजट भेज दिया है।
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शहर की करीब तीन लाख की आबादी को कूड़े से निजात दिलाने के लिए दो साल पहले एमआरएफ सेंटर बनाने की योजना आई थी। इसके तहत पांच स्थान चिह्नित किए गए थे। पक्का तालाब, मकसूदरपुरा की टंकी, पक्के बाग, उमरैन में 15 वें वित्त से इनका निर्माण भी करा दिया।
नई मंडी के पास चिह्नित जमीन पर कुछ विवाद की वजह से निर्माण नहीं कराया गया। करीब एक साल से इन सेंटरों में मशीनें लगाने के लिए बजट न होने की वजह से यह शोपीस बने हुए हैं। उपयोग न होने से अभी भी सड़कों पर कूड़े का ढेर दिखता है।
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अब स्वच्छ भारत मिशन 2 के तहत पांच अन्य सेंटरों के लिए भेजे गए बजट से पालिका इनमें मशीनें लगवाने की तैयारी में है।
आचार संहिता हटते ही भेजेंगे प्रस्ताव : ईओ
ईओ विनय कुमार मणी त्रिपाठी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन 2 के तहत पांच नए एमआरएफ सेंटर बनवाए जाएंगे। इसके लिए ढाई करोड़ का बजट आया है। इसमें हर एमआरएफ सेंटर के लिए लगभग 16 लाख रुपये की मशीनें और 34 लाख रुपये निर्माण व अन्य कार्यों के लिए मिला है। फिलहाल इस बजट से मशीनें लेकर पुराने एमआरएफ सेंटरों में लगवाकर उन्हें संचालित किया जाएगा। आचार संहिता हटते ही डीएम साहब के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा। अनुमति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। दो माह में प्रयास रहेगा कि एमआरएफ सेंटरों में मशीनें लग जाएं।
कामेत के वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट में भेजा जाता है कूड़ा
बढ़पुरा ब्लॉक के कामेत में वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट बनाया गया है। अभी यहीं पर शहर का पूरा कूड़ा भेजा जाता है। यहां प्रतिदिन 65 टन कूड़ा निस्तारण के लिए भेजा जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस प्लांट पर गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग कर लिया जाता है। इसके बाद गीले कूड़े से खाद बनाई जाती है। इकदिल नगर पंचायत का कूड़ा भी इसी प्लांट पर फिलहाल भिजवाया जाता है। बताया कि पहले से इस प्लांट के पास पड़े करीब आठ हजार टन कूड़े के निस्तारण का भी काम किया जा रहा है। इसमें से करीब 70 प्रतिशत कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है।
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