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जनशिकायतों की निस्तारण में ढिलाई बरत रहे अधिकारी

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आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई जा रही जन शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी लापरवाही बरत रहे
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हैं। पिछले महीने हुए समीक्षा में जिला 34वें स्थान पर आया था, इसके बावजूद अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। हालत ये है कि 139 शिकायतें निस्तारित न होने के कारण डिफाल्टर की श्रेणी में आ गई हैं।
सोमवार शाम को सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ शुक्ला ने अधिकारियों ने शिकायतों के त्वरित और सही निस्तारण के निर्देश दिए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण की
समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा में पाया कि अलग-अलग विभागों की 139 शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में जा चुकी
हैं। इन शिकायतों में थानाध्यक्ष सिविल लाइन, एडीओ पंचायत ताखा की 10-10, महेवा ब्लॉक की 8, तहसीलदार
इटावा की सात, तहसीलदार चकरनगर से संबंधित छह, सीएचसी बढ़पुरा, डीपीआरओ की पांच-पांच, एसडीएम
सदर, ईओ नगर पालिका इटावा, डीएसओ, पूर्ति निरीक्षक सैफई और थानाध्यक्ष बकेवर की चार-चार व जिला
चिकित्सालय इटावा, पूर्ति निरीक्षक इटावा की तीन-तीन शिकायतें शामिल हैं।
इसी तरह एसडीएम भरथना, बीडीओ
जसवंतनगर, एडीओ पंचायत महेवा, एआरटीओ, सहायक निदेशक मत्स्य, थानाध्यक्ष चौबिया, जसवंतनगर व बलरई
की दो-दो शिकायतें लंबित हैं। संबंधित अधिकारियों को 20 नवंबर तक हर हाल में निस्तारण कर आईजीआरएस
पोर्टल पर आख्या अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर निस्तारण नहीं हुआ तो 21 को संबंधित अधिकारी के
खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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