सैफई। कड़ाके की ठंड में दिल के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। सैफई मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीज दिखाने आ रहे हैं। इनमें से 25 प्रतिशत युवा शामिल हैं। डॉक्टरों ने ठंड से बचने के साथ ही खाने पीने का ध्यान रखने की विशेष सलाह दी है।
सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग ढाई से तीन हजार मरीज ओपीडी में दिखाने आते हैं। इनमें से इस समय हृदय रोग विभाग में लगभग 60 मरीज प्रतिदिन दिखाने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पारा लुढ़कने के साथ ही मरीजों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है।
इनमें मरीजों में पहले से दिल के मरीज बुजुर्गों के साथ ही युवा भी दिखाने आ रहे हैं। इनकी उम्र 18 से लेकर 25 के बीच है। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में तापमान कम हो जाता है। ऐसे में हृदय को खून की आपूर्ति करने वाली धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे खून हृदय तक धीरे-धीरे पहुंच पाता है। इस वजह से खून के थक्के जम जाते हैं और हार्ट अटैक हो जाता है।
ह्दयरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. समीर सराफ ने बताया कि हमारे पास पहले से ही आठ बेड का वार्ड बना है। इसमें मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अब पुरानी ओपीडी की इमारत में 12 बेड का वार्ड को तैयार किया जा रहा है। 15 जनवरी के लगभग खुल जाएगा और यहां पर 15 जनवरी से ही दिल के मरीजों का ऑपरेशन होने की संभावना है।
केस 1- विटामिन की कमी ने बढ़ाया दिल का दर्द
जनपद मैनपुरी के करहल निवासी मरीज सुनीता 45 वर्ष पत्नी भवानी प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज में दिखाया। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन से सीने में दर्द हो रहा है। इस पर विभाग अध्यक्ष ने उनका चेकअप करके बताया कि विटामिन की कमी होने से यह दिक्कत हुई है। दवाएं लिखने के साथ ही विटामिन वाले पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी।
केस 2- नौ साल के लव की छाती में उठा दर्द
किशनी के ग्राम दादिपुर निवासी संजय कुमार ने अपने 9 वर्षीय पुत्र लव को सैफई मेडिकल कॉलेज में दिखाया। यहां बताया कि छाती में दर्द हो रहा। विभागाध्यक्ष ने उन्हें परामर्श दिया कि बच्चे पर अधिक लोड न डालें। क्षमता से अधिक दौड़भाग भी न करे। साथ ही खिलाई पिलाई का ध्यान रखें। उन्होंने पौष्टिक आहार देने और ठंड से बचने की भी सलाह दी।
हृदय और उच्च रक्तचाप के मरीज रखें विशेष ध्यान
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सराफ ने बताया कि सर्दी में हार्ट और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्मियों के मुकाबले सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। अधिक ठंड के कारण हृदय के अलावा मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों की भी धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे रक्त का प्रभाव सुचारु रूप से नहीं हो पाता है और अटैक का खतरा बढ़ जाता है। दोनों तरह के मरीज खान-पीने का विशेष ध्यान रखें। सुबह भीषण ठंड में टहलने से बचें।
ठंडी तासीर के खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें
हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल की बीमारियों से पीड़ित लोग सर्दी के मौसम में ठंडी तासीर वाले फल, दही, छाछ, चावल आदि खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। लहसुन, बादाम, अखरोट और सोयाबीन वाले पदार्थ भोजन में शामिल करें। हृदय और अधिक रक्तचाप वाले मरीजों को खाने में नमक की मात्रा कम से कम लेनी चाहिए। नमक शरीर में पानी को रोकता है। पानी को रोकने का मतलब यही होगा कि शरीर में दिल को ज्यादा मात्रा में लिपिड को पंप करना होगा। ऐसे में ह्दयघात होने की संभावना बढ़ जाती है।
पुरानी ओपीडी में तैयार किया गया 12 बेड का वार्ड। संवाद- फोटो : ETAWAH