फोटो 21:::::ग्राम पंचायत अभिनयपुरा पाठकपुर में निरीक्षण के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते डीएम-एसएसपी। संवाद
डीएम, एसएसपी ने पचावली, हरिहरपुर और अभिनयपुर पाठकपुर में सुनीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। डीएम एसएसपी ने शुक्रवार को चौपाल लगाकर तीन गांवा में ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। पचावली में मिनी सचिवालय पर बड़ी संख्या में समस्याएं लेकर ग्रामीण पहुंचे, लेकिन शिकायत रजिस्टर में एक भी शिकायत दर्ज न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मिनी सचिवालय पर आने वाले सभी लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
ब्लाक बसरेहर गांव पचावली स्थित मिनी सचिवालय का डीएम अवनीश राय और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया। इस ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल , पंचायत सहायक, रोजगार सेवक आदि उपस्थित मिले। अधिकारियों ने मौजूद ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर शिकायतें सुनीं। शिकायत रजिस्टर में कोई शिकायत दर्ज नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
कहा कि मौके पर पेंशन, विधवा पेंशन, पानी निकासी, नाला , आयुष्मान कार्ड आदि की शिकायतें की आई हैं, फिर यह रजिस्टर में दर्ज क्यों नहीं हैं। गांव हरीपुर में ग्राम प्रधान ने बताया कि पांच आयुष्मान कार्ड बनाये गए हैं। कुछ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने में परेशानी की बात भी बताई। ग्राम प्रधान ने गांव तक आने वाली सड़क बनवाने की गुहार लगाई।
डीएम ने एसडीएम विक्रम राघव और डीपीआरओ बनवारी सिंह को उक्त सड़क बनवाने के निर्देश दिए। ग्राम अभिनयपुर पाठकपुर में बताया कि आयुष्मान कार्ड के पांच लाभार्थी इस समय उपस्थित हैं। उनके कार्ड बनाए जाने की कार्यवाही की जा रही है। निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से किसी भी शिकायत, समस्या की पूर्ण जानकारी या कोई प्रयास किए बिना ही अपनी स्वेच्छा से मान लिया जाता है कि शिकायत का निस्तारण नहीं हो सकता है।
अत्यंत ही आपित्तजनक है। जनपद में आयोजित ग्राम चौपालों से संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है कि उक्त ग्राम चौपालों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर सामान्य समस्याओं का समाधान तत्काल कराना है। यह भी निर्देशित किया जाता है कि ग्राम चौपाल के आयोजन से पहले से संबंधित ग्राम पंचायत में मुनादी कराने, संबंधित पंजिका में प्राप्त शिकायतों का पंजीकरण करने और किसी समस्या का समाधान न होने की स्थिति में उसका स्पष्ट कारण दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए।