इटावा। जिला अस्पताल में हाल में नाक की हड्डी के छेद का सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करने वाले डॉ. अश्विनी यादव ने बताया कि नाक से खून आने पर लापरवाही न करें। तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
जिला अस्पताल में इस समय वह और डॉ. जेपी चौधरी नाक, कान और गला रोगियों को देख रहे हैं। डॉ. अश्विनी ने बताया कि हाल ही में जिला अस्पताल में पहली बार नाक की हड्डी के छेद का ऑपरेशन लगभग तीन घंटे तक चला और पूरी तरह सफल रहा।
डॉ. अश्विनी यादव ने बताया कि ओपीडी में कुछ दिनों पहले 23 वर्षीय लड़की नाक की समस्या को लेकर आई थी। उसे लगभग दो-तीन साल से नाक से संबंधित सेप्टल परफोर्रेशन (नाक की बीच की हड्डी में छेद) की समस्या थी। इस वजह से नाक से खून निकलता था। इस समस्या में नाक की बीच की हड्डी जो कार्टिलेज की बनी होती है, उसमें छिद्र होने से असमय खून बहने लगता है।
इसे दूर करने के लिए ऑपरेशन करके नाक की खाल को निकालकर उस छिद्र पर आवरण बनाकर टांंकने से छेद बंद हो जाता है। नाक से खून बहते रहने से नाक में संक्रमण होने की समस्या भी हो सकती है। जिला अस्पताल में नाक और कान से संबंधित माइनर और मेजर दोनों सर्जरी होती है। गत चार माह में 60 सर्जरी की जा चुकी हैं।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.एमएम आर्या ने बताया कि कान के परदे का छेद, कान बहने, नाक की हड्डी का टेढ़ापन, साइनस, चेहरे की हड्डियों के फ्रैक्चर, गले की गांठ व ट्यूमर, नासूर जैसी बीमारियों का ऑपरेशन के लिए मरीज संपर्क कर सकते हैं।