इटावा। डेंगू को लेकर पिछले महीने केंद्रीय टीम के जिला अस्पताल का दौरा करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। हाल ये है कि मंगलवार को जब नोडल अधिकारी संचारी डॉ. राज किशोर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें सीवर का पानी परिसर में भरा मिला। जगह-जगह गंदगी भी फैली मिली। उन्होंने प्रभारी सीएमएस से इस पर नाराजगी जताई। कहा कि ये हाल है तो कैसे डेंगू से निपटेंगे।
सोमवार को नोडल अधिकारी ने अस्पताल में पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, दवा भंडार कक्ष देखा। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके सिंह व पैथोलॉजी प्रभारी डॉ. नीतू द्विवेदी से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शौचालय के पीछे गंदगी व पानी भरे होने व ट्रामा सेंटर स्थित ऑक्सीजन प्लांट के पास गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई। जल्द सफाई कराने के लिए कहा है।
नोडल अधिकारी को लिफ्ट खराब होने की वजह से रैंप से तीसरी मंजिल पर स्थित डेंगू वार्ड जाना पड़ा। भर्ती मरीजों से बात की। स्टाफ ने 12 मरीज होने की जानकारी दी। साथ चल मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे ने ये संख्या 61 बताई।
ब्लड कंपोनेंट मशीन न होने पर नाराजगी
नोडल अधिकारी डॉ. राज किशोर ने बताया कि प्लेटलेट्स के लिए ब्लड कंपोनेंट मशीन होनी चाहिए जो जिला अस्पताल में नहीं है। जिला अस्पताल में फिजिशियन की कमी पर कहा कि प्रदेश भर में डॉक्टरों की कमी है। ज्यादातर डॉक्टर अस्पताल में ज्वाइन करने के बाद चले जाते हैं। बताया कि दवाइयों की कमी नहीं है।
डेंगू के 11 रोगी और मिले
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सोमवार को 29 मरीजों की किट से डेंगू की जांच हुई, जिसमें 11 में डेंगू मिला है। नवंबर के आठ दिन में 42 मरीज मिल चुके हैं। अब तक 139 रोगी मिल चुके हैं।