इटावा/ताखा। करीब पांच साल पहले करोड़ों की लागत से बनी 39 टंकियों में से 24 टंकियां जवाब दे गईं हैं। इनसे गांवों तक पानी ही नहीं जा पा रहा है। कहीं मोटर फुंकी है तो कहीं अन्य खामियां हैं। जो चालू हैं, उनसे जुड़ी पाइपलाइन फटने से आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है। हाल ये है कि टोंटियां सूखी पड़ी है। खुदाई के कारण सड़के भी खराब हो गईं हैं।
राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जल पहुंचाने के उद्देश्य से करीब पांच साल पहले ताखा ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में 39 टंकियां बनवाई गईं थीं। वहीं इन सभी ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन डलवाकर टोंटियां तक लगवाई जानी थीं। इसका काम पूरा होने के बाद ग्राम प्रधानों को सभी काम देखकर चेक करने थे। इसके बाद यह प्रधानों को हैंडओवर की जानी थी। ठेकेदारों ने मनमानी कर आधूरा काम करके प्रधानों को हैंडओवर कर दी। अधिकारियों की अनदेखी के कारण ठेकेदारों ने गुणवत्ता से भी खिलवाड़ कर दिया।
आलम यह है कि इन टंकियों में से 24 टंकियों से जल आपूर्ति ही नहीं हो पा रही है। जगह-जगह पाइप लाइन टूटी होने से हजारों लोग प्यास हैंडपंपों से ही बुझा रहे हैं। 2019 में केंद्र की जल जीवन योजना को इसमें जोड़ दिया है। अब इस योजना के दो फेज में 381 ग्राम पंचायतों में काम कराया जाएगा। तीसरे फेज में इस ब्लॉक की भी बची हुई छह ग्राम पंचायतों में काम कराया जाएगा।
पुरैला में जगह-जह फटी पाइपलाइन
ग्राम पंचायत पुरैला में कई जगह पाइपलाइन टूटी है। कई बार शिकायत के बावजूद ठेकेदारों ने इसे सही नहीं कराया। कई जगहों पर लीकेज होने की वजह से ग्राम पंचायत के कई मजरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
अमथरी टंकी से जुड़ी मुख्य लाइन फटी
ग्राम पंचायत अमथरी की टंकी से करीब आठ मजरों की छह हजार आबादी को जल आपूर्ति की जानी थी। पाइप लाइन कई जगह टूटने से अमथरी के सिर्फ 15 लोगों की ही आपूर्ति मिल पा रही है। करीब 4500 लोग प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं।
सात करोड़ से बनी दो टंकियां, पांच हजार लोगों को ही पानी
सरसईनावर ग्राम पंचायत में करीब 43 मजरे लगते हैं। इनमें करीब 40 हजार की आबादी रहती है। इनकी प्यास बुझाने के लिए सात करोड़ रुपये से दो टंकियां बनवाई गई थीं। इसके बावजूद हर घर पानी नहीं पहुंच सका। कई चंद्रपुरा समेत कई मजरों के अंदर तक पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई। बिछी हुई लाइन भी टूट गई। सिर्फ पांच हजार आबादी को ही पानी मिल पा रहा है।
छह माह से पटियायत में मोटर खराब
पटियायत ग्राम पंचायत की महुआ गांव में टंकी बनाई गई है। इसके महुआ, पटियायत समेत करीब पांच मजरों की छह हजार आबादी को आपूर्ति दी जानी थी। इसमें भी महुआ गांव के ही सिर्फ एक हजार लोगों को ही जल आपूर्ति मिल पा रही थी। जगह-जगह पाइपलाइन टूटी है। छह माह से टंकी की मोटर भी खराब है।
बंद पड़ीं टंकियां
पुंजा, शेखपुर पचार, पुरैला, पटियायत, हिंदूपुर वैदपुर, बनीहरदू, ककराही, कुइंता, नगला भगे, भरतिया, चमरपुर रुद्रपुर, सरसई नावर, गुजराती, बदकनशाहपुर, मुर्चा, मामन, अमथरी, बछरोई, समथर, केशोंपुर समेत 20 टंकियां बंद पड़ी हैं।
ग्रामीणों ने बताई समस्या
चंदरपुरा के अवनीश कुमार ने बताया कि गांव में जब से टंकी बनी तब से पानी नहीं आया। न ही गांव में टोंटी लगाई गई। अभी भी गांव के हैंडपंप से
महुआ निवासी अखिलेश यादव ने बताया की टोंटी तो लगाई गई, लेकिन एक भी बार पानी नहीं आया। पाइपलाइन की वजह से सड़कें खुदी पड़ी हैं। पानी मिला नहीं और सड़क भी खराब हो गई।
नगला हंसे निवासी होरीलाल ने बताया कि पाइपलाइन अधूरी पड़ी है। किसी ने कनेक्शन तक नहीं किया और न ही टोंटियां ही लगाई गईं। ठेकेदार और प्रधान की साठगांठ से अभी तक करीब चार मजरों में पानी नहीं पहुंच सका है।
लाहटिया निवासी अशोक दुबे ने बताया कि कभी भी गांव में लगी टोंटियों में पानी नहीं आया। इससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका। अभी भी हैंडपंपों और कुओं के सहारे हैं।
मुझे आए हुए अभी सिर्फ एक माह हुआ है। इस काम को दूसरी योजना के तहत अलग डिवीजन ने कराया था। अभी तक कार्यालय भी औरैया में था। टंकियां क्यों नहीं चल रही हैं, इस बारे में जानकारी कराकर समाधान कराया जाएगा। -जनार्दन सिंह, एक्सीईएन ग्रामीण, जल निगम।