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अफसर लापता, फरियादी पूछते रहे पता1

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इटावा। शासन के आदेश के बावजूद विकास भवन के अधिकारी समय से दफ्तर पहुंचना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। मंगलवार को 10 बजे तक कई अफसर अपने कार्यालयों में नहीं पहुंचे। फरियादी अफसरों का इंतजार करते रहे।
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फरियादी बाहर बैठे रहे
भूतल पर कक्ष संख्या 37 में बने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय में सुबह 10 बजे ताला लटका था। यहां तीन फरियादी बाहर बैठकर इंतजार कर रहे थे। करीब पांच मिनट बाद आए कर्मचारियों ने ताला खोला। वहीं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय में भी 10:03 बजे पर ताला लटका था। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि उनके पास जिला दिव्यांग अधिकारी के साथ ही चकरनगर के बीडीओ का भी चार्ज है। आज चकरनगर क्षेत्र में दौरे पर होने की वजह से वह कार्यालय में नहीं बैठ सके। दिव्यांग सशक्तीकरण कार्यालय में कर्मचारी देरी से क्यों आए, उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
सीवीओ बोले, साहब के पास गए थे
सुबह करीब 10 बजकर छह मिनट पर प्रथम तल पर बना मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय तो खुला था, लेकिन यहां सीवीओ की कुर्सी खाली पड़ी थी। सीवीओ डॉ. एनके गौतम ने बताया कि वह 10 बजकर पांच मिनट पर कार्यालय आ गए थे। एक फाइल पर सीडीओ साहब के हस्ताक्षर कराने चले गए थे।
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सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता भी नहीं मिले
सुबह 10 बजकर पांच मिनट पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की भी कुर्सी खाली मिली। इनके कार्यालय के बगल में स्थित कर्मचारियों का कक्ष भी 10 बजकर छह मिनट पर खुला। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ब्रजमोहन ने बताया कि वह बैंक में चल रही वीसी में आए हुए हैं। इसलिए समय से कार्यालय नहीं पहुंच पाए हैं। कर्मचारी समय से क्यों नहीं पहुंचे, इसके लिए उनसे जवाब लिया जाएगा।
कार्यालय तो खुला पर नहीं पहुंचे डीपीआरओ
डीपीआरओ कार्यालय सुबह 10 बजे खुला मिला, लेकिन डीपीआरओ नहीं पहुंचे थे। हालांकि तीन से चार मिनट के अंदर वह कार्यालय आ गए। उन्होंने बताया कि नीचे एक फरियादी खड़ा मिल गया था, उसकी बात सुनने लगे थे। इसलिए ऊपर तक आने में समय लग गया। प्रतिदिन समय से ही आते हैं।
वर्जन
सहायक आयुक्त सहकारिता बैंक की वीसी में गए हुए थे। वहीं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पास चकरनगर ब्लाक का भी चार्ज है। ऐसे में वह वहां दौरे पर गए थे। सभी को 10 बजे आने के निर्देश हैं। एक बार फिर से सभी को हिदायत दी जाएगी। - संतोष राय, सीडीओ।
पेंशन के लिए काट रहे चक्कर
जिला दिव्यांग सशक्तीकरण कार्यालय के बाहर बैठे फरियादी जसवंतगनर के बहादुरपुर निवासी कृष्ण गोपाल ने बताया कि करीब 18 किलोमीटर दूर से किराया खर्च करके आए हैं। जनवरी से उनकी पेंशन नहीं आई है। कई बार चक्कर लगा चुके हैं। अभी भी सुबह साढ़े नौ बजे आ गए थे। कार्यालय नहीं खुला है, खुलते ही फिर अर्जी लगाएंगे।
बसरेहर के नवाबपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 12 किलोमीटर दूर से आए हैं। उनकी भी पेंशन जनवरी के बाद से नहीं आई है। पिछले महीने आए थे तो बताया था कि केवाईसी नहीं कराई है। अब कराने के बाद भी इस माह नहीं आई है। पेंशन न आने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं लेकिन अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे।
सैफई के सहदारपुर निवासी राजीव ने बताया कि 25 किलोमीटर दूर से किराया लगाकर किसी तरह आए हैं। पिछले छह माह से ट्राई साइकिल के लिए परेशान हैं लेकिन अभी तक नहीं मिली है। जानकारी करने आए तो कार्यालय बंद मिला। कोई सही जानकारी देने वाला भी नहीं है। विकलांग होने के कारण रोज-रोज आना संभव भी नहीं हो पाता।
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