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Etawah News: नहीं हुई रखवाली, हार गई हरियाली

Tue, 01 Aug 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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फोटो 14:::::ऊसराहार पीएचसी में पॉलीथिन के साथ औपचारिकता के लिए रखा गया पौधा। संवाद
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फोटो 15:::::ऊसराहार पीएचसी में पॉलीथिन में पैक रखे पौधे। संवाद

फोटो 16::::ताखा प्राथमिक विद्यालय में लगा पौधा देखरेख के अभाव में सूखा।

फोटो 17:::::शहर के नगर वन में 10 दिन पहले लगाया पौधा सूखा पड़ा। संवाद




- 22 जुलाई को रोपे गए 59 लाख 38 हजार 672 पौधों में आधे से ज्यादा सूख गए
- जिम्मेदार बोले सर्वर डाउन होने की वजह से पौधों की नहीं हो पा रही जियो टैगिंग







संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। 10 दिन पहले रोपे गए पौधे देखभाल के अभाव में सूख गए हैं। कई जगहों पर सिर्फ पौधे रखे छोड़कर गिनती में दिखा दिए गए हैं। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भी जनपद में लाखों की संख्या में पौधरोपण किया गया। जिले को इस बार 70 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य दिया गया था।
पौधरोपण अभियान दो हिस्सों में कराए जाने के निर्देश के चलते 22 जुलाई को जिले में 59 लाख 38 हजार 672 पौधे लगाए जा चुके हैं। बचे पौधे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लगाए जाने हैं।
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लायन सफारी के पास नगर वन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अजीत सिंह पाल, नमामि गंगे एवं जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, सदर विधायिका सरिता भदौरिया सहित तमाम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया था।
नगर वन में लगाए गए पौधों में कई सूख चुके हैं तो कई टूट कर गिर भी गए हैं। सिर्फ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के पौधों की स्थिति ठीक है। वहीं कई जगहों पर पौधे रखे छोड़ दिए गए। वह रखे रखे ही सूख गए। सिर्फ आकड़ों में उन पौधों को लगाना दिखा दिया गया है।




पांच वर्षों में इस प्रकार हुआ पौधरोपण


वर्ष लगाए गए पौधे

2019 24 लाख

2020 42 लाख

2021 56 लाख

2022 65 लाख

2023 70 लाख (इसमें 59 लाख से अधिक लगाए जा चुके हैं)





जियो टैगिंग भी अधूरी
पौधा लगाए जाने के बाद उनकी जियो टैगिंग भी कराई जानी है। इससे पौधों की संख्या और उनकी वृद्धि की जानकारी हासिल मिल सकेगी। पड़ताल के दौरान किसी भी जगह ऐसी कोई टैगिंग दिखाई नहीं दी। वहीं विभाग के अनुसार सर्वर में खामी की वजह से यह प्रक्रिया काफी मंद गति से हो पा रही है। हालांकि यह आंकड़ा किसी के पास नहीं है कि कितने पौधों की टैगिंग की जा चुकी है।




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ऊसराहार पीएचसी में रखे-रखे सूखे पौधे

ताखा। पौधरोपण अभियान के तहत विभाग वार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में ज्यादातर सिर्फ पौधे रोपने के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। ऊसराहार पीएचसी में दिखाने के लिए एक दो पौधे पक्के में ही रखकर पॉलीथिन के साथ फोटो खिंचा ली गई। वहीं अधिकांश पौध को ऐसे ही सड़ने के लिए छोड़ दिया गया। ऐसे में ज्यादातर पौधे रखे-रखे सूख गए हैं। उधर, जनपद के अधिकांश परिषदीय स्कूलों में भी पौधरोपण होना था। अधिकतर स्कूलों के शिक्षकों ने सिर्फ एक पौधा लगाकर फोटो खिंचाई और अपने अपने ग्रुपों में भेजकर खानापूर्ति कर ली। उसके बाद शिक्षकों ने उन पौधों की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। ताखा प्राथमिक विद्यालय में लगे अधिकांश पौधे सूख चुके हैं।
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वर्जन





डीएफओ अतुलकांत शुक्ला ने बताया कि सर्वर की वजह से जियो टैगिंग होने में दिक्कत आ रही है। वहीं, पौधरोपण में कुछ पौधे खराब हो जाते हैं। यदि कहीं पौधे रखकर खराब किए गए हैं तो इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता करके कार्रवाई कराई जाएगी।
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