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ेंगू की मार और सवा तीन लाख की आबादी पर सिर्फ एक डॉक्टर

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चकरनगर। क्षेत्र की करीब सवा तीन लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली राजपुर सीएचसी एक डॉक्टर के भरोसे है। तीन चिकित्सकों को ताखा अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है। यहां डेंगू से बचाव के भी इंतजाम नहीं हैं। डेंगू वार्ड में बेड पर चादर और मच्छरदानी नहीं है।
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सोमवार को अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले। स्टाफ ने सरकारी कार्य से जाने की बात कही। निवारी गांव निवासी निरूपा देवी, राम सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू की जांच कराने के लिए सुबह आठ बजे आ गए थे, लेकिन दोपहर एक बजे तक डॉक्टर आए ही नहीं। बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा।
ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। इलाज कराने आईं शकुंतला देवी, राधा देवी, श्यामा देवी, अरविंद कुमार, नितिन कुमार, जग देवी, कल्याणी, कुसुमा आदि ने बताया कि अस्पताल में सुबह नौ बजे आ गए थे। पर्चा बनवाने के बावजूद दोपहर दो बजे तक चिकित्सक नहीं मिले। स्टाफ ने बताया है कि डॉक्टर इटावा अस्पताल से काम निपटाकर आएंगे।
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अस्पताल में वह ही हैं। जिलास्तर के काम भी निपटाने होते हैं। इसके बाद अस्पताल में मरीजों का उपचार करते हैं। अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा है। तीन चिकित्सकों को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके कारण समस्या है। - अजय विक्रम, सीएचसी अधीक्षक राजपुर।
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