इटावा। शहर में अवैध रूप से संचालित टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड लाखों की अवैध कमाई का जरिया बन गए हैं। जानकारी के बाद भी न तो पालिका की ओर से इन पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही एआरटीओ व थाना पुलिस ही ध्यान दे रही है। जिन स्टैंडों का ठेका उठाकर पालिका आय बढ़ाकर क्षेत्र का विकास कर सकती है, उन स्टैंडों को माफिया के हवाले कर रखा है।
शहर में सड़कों के निर्माण से लेकर दूसरे कामों के लिए नगर पालिका हमेशा बजट का रोना रोती रहती है। इसे देखते हुए शासन की ओर से लगातार नगर निकायों से आय का जरिया बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका में टेंपो, ऑटो, ई-रिक्शों के स्टैंडों के ठेके तक नहीं कराए गए हैं। बिना रूट तय हुए ही अवैध स्टैंडों से सवारी वाहन दौड़ रहे हैं। अवैध स्टैंडों से महीने में लाखों रुपये की कमाई करके नगर पालिका के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। सबकुछ जानकर भी अधिकारी आंखें मूंदे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही टेंपो, ई-रिक्शा और टेंपो का रूट तय किया जाएगा। साथ ही नगर पालिका की ओर से स्टैंड भी बनाए जाएंगे।
इस तरह होती है वसूली
शहर में जसवंतनगर, बसरेहर, भरथना, उदी, महेवा तक दिनभर में लगभग 500 टेंपो, ऑटो प्रतिदिन चलते हैं। इन सभी के लिए अलग-अलग जगहों पर अस्थायी टेंपो स्टैंड बने हैं। जसवंतनगर, भरथना और बसरेहर जाने के लिए टेंपो और ऑटो मालगोदाम रोड के सामने फुटपाथ पर खड़े होते हैं, जबकि उदी जाने के लिए राजागंज चौराहे से ऑटो और टेंपो निकाले जाते हैं। वहीं बसरेहर, महेवा और बाबरपुर के लिए ऑटो बस स्टैंड तिराहे से टेंपो भरे जाते हैं। इन सभी से 20 रुपये दिनभर के वसूले जाते हैं। इसके बाद नंबर से यहां से निकाले जाते हैं।
करीब तीन लाख रुपये माह का नुकसान
प्रतिदिन लगभग पांच सौ टेंपो, ऑटो आसपास के कस्बों में सवारियां भरकर ले जाते हैं। इस हिसाब से लगभग 10 हजार रुपये प्रतिदिन और पूरे महीने का लगभग तीन लाख रुपये होता है। साल में लगभग तीन करोड़ 60 लाख रुपये का नगर पालिका के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यदि विभाग की ओर से यह वसूली की जाए तो साल में करोड़ों रुपये की आय बढ़ेगी। इसे शहर के विकास में लगाया जा सकता है।
नगर पालिका क्षेत्र में संचालित सभी टेंपो, ऑटो स्टैंड जल्द ही शुरू करा दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन से अनुमति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका
- जिले में संचालित टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा का निश्चित रूट पर संचालन कराने के लिए योजना तैयार हो रही है। अगले माह से यह व्यवस्था लागू कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सके। - ब्रजेश यादव, एआरटीओ।