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इटावाः नवजात की मौत, परिजनों का अस्पताल में हंगामा

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अस्पताल के बाहर सड़क पर हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराती पुलिस। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने पर भी हंगामा होता रहा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब रात करीब एक बजे परिजन शांत हुए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों ने सिविल लाइन कोतवाली में तहरीर दी है।
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फ्रेंड्स कॉलोनी के तुलसी नगर निवासी बीएसएफ जवान कौशल कुमार ने पत्नी सोनी (33) को मंगलवार दोपहर 12 बजे दतावली स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। दोपहर ढाई बजे के आसपास सोनी ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया। एक बच्चे को सांस लेने में दिक्कत थी।
बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे परिजन बच्चे को लेकर स्टेशन रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने भर्ती कर बच्चे को ऑक्सीजन पर रखा। शाम करीब छह बजे परिजन डॉक्टर के मना करने पर भी बच्चे को लेकर घर चले गए।
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रात करीब साढ़े नौ बजे घर पर तबियत खराब होने पर परिजन बच्चे को लेकर फिर स्टेशन रोड स्थित अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनकर परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। पिता कौशल कुमार का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
इधर, हंगामे केे सूचना पर सीओ सिटी अमित कुमार सिंह और सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहम्मद कामिल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। सीओ अमित कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ सिटी अमित कुमार सिंह ने कहा कि नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
जबरन बच्चे को डिस्चार्ज करा ले गए थे परिजन
अस्पताल संचालक ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसको ऑक्सीजन लगाई गई थी। बुधवार शाम छह बजे के करीब परिजन बच्चे को जबरन डिस्चार्ज करा कर ले गए थे। इसके बाद घर पर बच्चे की तबियत बिगड़ गई। जब तक वह उसे लेकर अस्पताल आते मौत हो चुकी थी। परिजनों ने अस्पताल के स्टॉफ से अभद्रता भी की।
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