बकेवर। गेहूं, सरसों और आलू की बुआई कर रहे किसानों के सामने सहकारी समिति ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मौसम की मार से फसल का नुकसान उठा रहे किसानों को डीएपी के साथ नैनो यूरिया जबरन दी जा रही है।
किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर पर डीएपी खाद का वितरण चल रहा है। शनिवार को भी समिति पर किसानों को डीएपी खाद दी गई लेकिन इसके साथ नैनो यूरिया लेने की शर्त रख दी गई। किसानों ने लेने से मना किया तो उनसे साफ कह दिया गया कि अगर डीएपी लेनी है तो नैनो यूरिया लेनी पड़ेगी। 1350 रुपये की डीएपी खाद की बोरी लेने के बाद किसानों को 240 रुपये की नैनो यूरिया भी खरीदनी पड़ रही है।
डीएपी खाद लेने समिति पर आए सिंगोली गांव निवासी दीपक ने बताया कि एक बोरी डीएपी खाद खरीदने आए हैं। उन्हें नैनो यूरिया की शीशी जबरन दी गई। जबकि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है।
ग्राम रतनपुर निवासी किसान मनोज ने बताया कि नैनो यूरिया की सीसी लेने से मना करने से दो बोरी डीएपी देने से इन्कार कर दिया गया। मजबूर होकर 240 रुपये की नैनो की सीसी खरीदनी पड़ी।
नगला खादर निवासी किसान विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वह समिति के खाताधारक हैं। यहां खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। शनिवार को काफी देर लाइन में लगने के बाद उन्हें खाद मिल सकी। जबकि खाताधारक किसान को खाद, बीज सबसे पहले देने का नियम है। ग्राम चंद्रपुरा निवासी भोला ने बताया तीन बोरी डीएपी पर उन्हें दो शीशी नैनो यूरिया की दी गईं। 480 रुपये की ये शीशी जबरन खरीदनी पड़ीं।
नैनो यूरिया जबरदस्ती किसी को नहीं दी जा रही है। जिस किसान की इच्छा है वह ले। समिति में अगर जबरन नैनो यूरिया दी जा रही है तो वह इसकी जांच कराएंगे। - राजीव गोयल, सचिव किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर।