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Etawah News: 20 से अधिक कर्मचारी तो कराना होगा फैक्ट्रीज एक्ट में पंजीकरण

Mon, 22 May 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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फोटो 25::::राइस मिल में काम करते कर्मचारी।
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मंडे स्पेशल :
20 से अधिक कर्मचारी तो कराना होगा फैक्ट्रीज एक्ट में पंजीकरण क्रासर - सरकार के आदेश पर जल्द कराया जाएगा जिले में संचालित अपंजीकृत फैक्ट्रियों का सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सरकार के एक आदेश से उत्पादन व प्रसंस्करण उद्योगों में कार्यरत 15 हजार से ज्यादा श्रमिकों की दशा जल्द सुधरेगी। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सुधारने और श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से अब जिले के सभी उत्पादन और प्रसंस्करण इकाई का कारखाना अधिनियम-1948 (फैक्ट्रीज एक्ट) में पंजीकरण कराना होगा। इससे यहां कार्यरत श्रमिकों को कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
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प्रदेश सरकार की ओर से जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद का कुल मौद्रिक मूल्य) में और अधिक सुधार करने के लिए सभी जिलों में संचालित अपंजीकृत उत्पादन और प्रसंस्करण इकाई का का शत प्रतिशत कारखाना अधिनियम में पंजीकरण कराने का आदेश दिया है। इसे लेकर अधिनियम के सहायक निदेशक नवदीप श्रीवास्तव ने जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करके विभागों की ओर से जारी की गई एनओसी के बारे में जानकारी की गई।
साथ ही उद्योग विभाग से संचालित उत्पादन इकाइयों का डाटा भी मांगा गया है। इस आधार पर संकलित डाटा के आधार पर जल्द ही टीम की ओर से सर्वे शुरू कराकर सभी उत्पादन इकाइयों का पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद से संचालकों को कारखाना अधिनियम से जुड़े सभी नियमों का पालन करने का होगा। इससे रोजनदारी पर काम कर रहे श्रमिकों को लाभ मिलेगा। जिले के लगभग 15 हजार श्रमिकों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
सख्ती से अधिनियम का पालन कराया जाएगा
कारखाना अधिनियम को क्रियान्वित कराने के प्रथम चरण में कानपुर से आए अधिकारियों को अग्निश्मन विभाग, बिजली समेत सभी विभागों की ओर से अलग-अलग उत्पादन इकाइयों को लगभग एक हजार एनओसी जारी करने जानकारी मिली है। विभाग की ओर से जल्द ही इनका सर्वे शुरू कराया जाएगा। इसके लिए विभाग की टीम सप्ताह में दो दिन जिले में रहा करेगी।



जिले की सिर्फ 40 इकाइयां है हैं पंजीकृत
जनपद में बड़ी संख्या में उत्पादन और प्रसंस्करण इकाई संचालित हैं। इनमें से सिर्फ 40 इकाइयों ने ही फैक्ट्रीज एक्ट में पंजीकरण करा रखा है। ऐसे में इनमें काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को फैक्ट्रीज एक्ट के नियमों का लाभ मिल पा रहा है। वहीं प्रदेश और देश स्तर पर भी यह सरकारी आंकड़ों में न दिखने से जीडीपी को मजबूती नहीं मिल पा रही है।

श्रमिकों को यह मिलेगी राहत
1 - फैक्टरी मालिक कई योजनाओं के तहत सरकार के कानूनी लाभ का लाभ उठा सकता है।
2 - श्रमिकों के लिए प्रावधान निर्धारित करता है। इसके तहत वेतन दर, भलाई और सुरक्षा, काम की परिस्थितियों और काम में लगाए गए घंटों की संख्या से संबंधित महिला और युवा विशेषज्ञों का ध्यान रखा जाता है।
3 - फैक्ट्री परमिट मिलने पर अवसरों, छुट्टियों, घंटों की संख्या, मुआवजा, महिलाओं का नामांकन, बच्चों का नामांकन, रोजगार, बर्खास्तगी और कई पहलुओं पर विचार किया जाता है।
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4 - कारखाना अधिनियम के मानदंडों का पालन करने से सभी श्रमिकों की उत्पादकता में सुधार होता है।
5 - परमिट गारंटी देता है कि प्रत्येक कार्यकर्ता नींव के तहत समान स्वतंत्रता और उपचार चाहता है।
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वर्जन
जिले में अभी तक 40 इकाइयां ही कारखाना अधिनियम में पंजीकृत हैं। अब बची हुई सभी इकाइयों का पंजीकरण कराने के लिए एक्ट की टीम की ओर से अभियान चलाया जाएगा। सर्वे कराकर सभी को पंजीकरण कराने के प्रोत्साहित करेंगे। इससे श्रमिकों को और इकाई के मालिक दोनों को ही लाभ मिलेगा। साथ ही जिला, प्रदेश और देश की जीडीपी में सुधार नजर आए।
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