संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। ताऊ के घर से अपने घर लौट रही कक्षा आठ की छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोपी को न्यायाधीश कल्पना द्वितीय की अदालत (पॉक्सो अधिनियम) ने एक साल के परिवीक्षा की सजा सुनाई गई है। आरोपी को एक साल तक हर महीने परिवीक्षा अधिकारी के सामने हाजिर होना होगा। यहां उसके आचरण में बदलाव देखा जाएगा।
बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली कक्षा आठ की छात्रा के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट पीड़ित के पिता ने दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि एक मार्च 2020 की रात नौ बजे गांव में रहने वाले अपने ताऊ के घर जा रही थी। तभी अपने रिश्तेदार के घर आए अदलीपुर भरथना के कल्लू ने छात्रा को रोक लिया और सुनसान स्थान पर ले गया। यहां छेड़छाड़ की।
चीख पुकार पर लड़की की मां पहुंच गई। मां को देखकर कल्लू भाग निकला। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना की और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। पीड़ित पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने पैरवी की। आरोपी ने घटना में रंजशिन फंसाने का आरोप लगाते हुए बरी करने की गुहार लगाई।
न्यायाधीश कल्पना द्वितीय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सही माना और आरोपी को एक साल के परिवीक्षा की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी को 20 हजार की जमानत राशि पर छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिए कि आरोपी को एक साल तक हर महीने की एक तारीख को परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष हाजिर होना पड़ेगा।