इटावा/बकेवर। भैया दूज के लिए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भीड़ उमड़ने से व्यवस्था तार-तार हो गई। हाल ये रहा कि ट्रेनों और बसों में सीट पाने के लिए मारामारी रही। लोग ट्रेनों के गेट और बसों पर लटककर यात्रा करते देखे गए। गोमती एक्सप्रेस में महिला भीड़ की वजह से चढ़ नहीं सकी। वह गेट के पास पहुंची, तभी ट्रेन चल दी। जल्दबाजी में चढ़ते समय उसका पैर फिसल गया। गनीमत रही कि प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों ने उसे बचा लिया।
दिवाली पर रेलवे और रोडवेज ने विशेष इंतजाम करने की बात कही थी। लखनऊ, कानपुर, आगरा और दिल्ली समेत सभी रूटों पर जिले की करीब 100 अतिरिक्त बसें लगाई गईं। विशेष ट्रेनें भी चलाई गईं। इसके बावजूद संसाधन कम पड़ गए। कोटा एक्सप्रेस में सिर्फ एक अतिरिक्त कोच लगाया गया। वैशाली, महानंदा, मुरी समेत सभी ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही।
किसी को भाई दूज पर बहनों से टीका कराने जाना था तो कोई काम पर लौटने के लिए निकला। बसों में तो पैर रखने तक की जगह नहीं बची। बस आते ही फुल हो जाती और लोग पीछे दौड़ते दिखे।
ऑटो और टेंपो वालों ने वसूला मनमाना किराया
जसवंतनगर, बकेवर, महेवा और इकदिल समेत सभी जगहों पर लोग बसों का इंतजार करते नजर आए। कई जगहों पर बसें न मिलने की वजह से ऑटो और टेंपो वालों ने सिरसागंज और औरैया तक की सवारियां भरीं। मनमाना किराया वसूल किया।