इटावा/उदी। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने रविवार को विकास कार्यों का निरीक्षण किया। सुनवारा पुल अधूरा देखकर नाराजगी जताई। अकारण अधूरे पड़े कार्यों की जांच के निर्देश दिए। अफसरों से कहा कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन में बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि योजनाओं के सापेक्ष आवंटित धन का सदुपयोग समय सीमा के अंदर करें। माह के पहले सप्ताह में सड़क सुरक्षा पर बैठक की जाए। विकास कार्यों की सूची सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कर्राई। सत्यापन उनके माध्यम से भी कराया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना वजह कार्यों में विलंब की जांच जिला प्रशासन करे। आख्या शासन को प्रेषित करे।
जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सदर विधायक सरित भदौरिया, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी संजीव राजपूत, जिला महामंत्री प्रशांत राव चौबे, जिला महामंत्री अन्नू गुप्ता, अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, जिला विकास अधिकारी दीन दयाल, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, कानपुर क्षेत्र श्रीराज समेत विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद मंत्री ने निर्माणाधीन सुनवारा पुल का निरीक्षण किया। यहां का काम अक्तूबर 2022 तक काम पूरा होना था। अभी तक काम पूरा न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
31 मार्च तक गड्ढा मुक्ति की बात कही
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जनपद में 307 मार्गों में 174 के कार्य पूरे हो चुके हैं। शेष मार्गों पर कार्य 31 मार्च तक पूरे हो जाएंगे। मरम्मत के लिए लक्षित 855.16 किमी मार्ग गड्ढा मुक्त किए जा चुके हैं। नवीनीकरण के लिए 266.95 किमी में से 178.63 किमी का नवीनीकरण किया जा चुका है। विशेष मरम्मत 114.93 किमी में 71.22 किमी में कराई जा चुकी है। वर्ष 2022 में इटावा जनपद में लोनिवि के अधीन कुल दो ब्लैक स्पॉट पाए गए हैं। इन्हें विश्वकर्मा पोर्टल पर चिह्नित कर दिया गया है।
वोटों के लिए हथकंडे अपना रही सपा
जितिन प्रसाद ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर कहा कि ये इन लोगों के हथकंडे हैं। भारतीय जनता पार्टी को लगातार जनता और सभी का समर्थन मिल रहा है। यह लोग ऐसी बातें करके समाज में वोटों के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं, पर इन सब में वह कभी सफल नहीं हो पाएंगे।
विभागीय कार्यों पर नजर रखें पदाधिकारी
मंत्री जितिन प्रसाद ने सिंचाई विभाग में भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उनसे सुझाव मांगे। कहा कि आप लोग विभागीय कार्यों को लगातार देखें। लापरवाही मिलने पर अधिकारियों से शिकायत कर उन्हें भी अवगत कराएं। वह सफारी पार्क भी गए।