निवाड़ीकला/इटावा। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान तो चला लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा। मुख्य मार्ग तो बना दिए गए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों पर गड्ढे कायम हैं। इन मार्गों से वाहन सवार हिचकोले खाते गुजरते हैं। सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली बात यहां सही बैठती है।
क्षेत्र में कई ऐसे मार्ग हैं, जहां सुरक्षित चलना मुश्किल है। यह तब है कि जब शासन के आदेश पर शुरू हुआ गड्ढा मुक्त सड़क अभियान खत्म हो चुका है। लोक निर्माण विभाग ने अभियान के तहत उन सड़कों पर ज्यादा गौर किया, जहां वाहनों की आवाजाही अधिक है। नतीजतन संपर्क मार्ग आज भी बदहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्र की कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत की दरकार है।
महेवा चौराहे से बहेड़ा तक जाने वाला मार्ग जर्जर है। इस मार्ग पर कई जगह बड़े बड़े गड्ढों में जलभराव है। जो हादसे का कारण बन रहा है। इसी तरह बहेड़ा से पुरावली मार्ग भी जर्जर हैं। क्षेत्र के सोहित ने बताया कि जब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर की तो अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खण्ड -3 ने बताया कि बजट उपलब्ध होने पर मार्ग की मरम्मत कराई जाएगी।
निवाड़ीकला-लुधयानी मार्ग से जयगुरुदेव आश्रम को जोड़ने वाले खितौरा संपर्क मार्ग की हालत भी खराब है। अभियान के दौरान यह मार्ग भी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की नजर से ओझल रहा। जबकि इस मार्ग से हर रोज काफी संख्या में लोग आते-जाते हैं।
ढकाताल से बंगलन तक जाने वाला मार्ग गिट्टी उखड़ने से जर्जर हो गया है। इस मार्ग से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। गिट्टी के उखड़ने और जलभराव से सड़क पर फिसलन हो गई है। करीब दो किमी दूरी तक यह सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। ग्रामीण रोहित, राघवेंद्र, अजय पाल, जनवेद,जगदीश ने जिलाधिकारी से सड़क को दोबारा बनवाने की मांग की है।