- कोर्ट ने 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला कन्हई मौजा जगसोरा में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर प्रथम राम चंद्र यादव ने 17 साल पुराने हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यो्ं के आधार पर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला कन्हई मौजा जगसोरा निवासी श्याम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि सात अगस्त 2006 की रात को उसका भाई राम बहादुर उर्फ राज बहादुर अपने घर के दरवाजे पर चारपाई पर सो रहा था, जबकि परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे।
रात में किसी धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई। सुबह जब पत्नी उसे जगाने आई और उसकी चादर हटाई तो देखा कि वह मृत अवस्था में पड़ा है। चारपाई व उसके नीचे खून फैला था। श्याम सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने छानबीन के बाद गांव के ही रमेश उर्फ रैया के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस में मामले की छानबीन करके आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने रमेश के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने पूरे मामले की पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने रमेश को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।