मृत गाय को देखती पशु विभाग की टीम।
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चंबल सेंचुरी से सटे गांवों में तेंदुएं का आतंक है। मंगलवार सुबह कांयछी गांव में गाय का शिकार किए जाने के बाद से इलाके में दहशत बढ़ गई है। ग्रामीणोें ने सेंचुरी से सटे क्षेत्र में वन विभाग की टीम की निगरानी बढ़ाने की मांग की है, जबकि वन विभाग का कहना है कि इस इलाके में जंगली जानवर मौजूूद हैं। इस बारे में सभी को बताया जा चुका है। पशुपालक अपने जानवरों की निगरानी खुद करें।
चंबल सेंचुरी क्षेत्र में कई जंगली जानवर हैं। पिछले सप्ताह से इलाके में तेंदुआ देखा जा रहा है। थाना भरेह के कायंछी गांव में मंगलवार सुबह करीब सात बजे बहादुर सिंह की दो गायें व बछिया खेत में चर रही थीं। इसी बीच तेंदुआ ने दौड़ा लिया। दोनों गायें भाग निकली, लेकिन बछिया को उसने दबोच लिया। इस पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। दोपहर में पशु पालन विभाग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हनुमंतपुरा स्थित पशु चिकित्सालय के डा. राहुल कुमार ने बताया कि दो साल की बछिया के गले में चार दांत लगे हैं। गाय पर तेंदुए ने हमला किया था। वन दरोगा वीरेंद्र सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। डीएफओ सेंचुरी सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि सेंचुरी क्षेत्र वन्य जीवों का अभ्यारण्य है। क्षेत्र के पशु पालकों को अपने पशुओं की निगरानी करनी चाहिए। प्रतिबंधित क्षेत्र में जंगली जानवर ईको सिस्टम के तहत शाकाहारी जानवरों पर हमला कर सकते हैं। कायंछी गांव में गाय पर हमले की सूचना मिली है। ग्रामीणों को सकर्त रहने के लिए कहा गया है।