ऊसराहार में भूमाफिया के कब्जे वाली करोड़ों रुपये की जमीन अभिलेखों में नाले के नाम से दर्ज कर ली गई।
कागजात में हेराफेरी कर जमीन को भूमाफिया के नाम करने वाले तत्कालीन कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए उनका पता लगाया जा रहा है।
एसडीएम ताखा नंद प्रकाश मौर्य का कहना है कि नाले की करीब 23 बीघा जमीन को खतौनी में नाले के नाम दर्ज कर दिया गया है।
भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई चल रही है। इस जमीन को वर्ष 2005 में ऊसराहार के रहीसा बेगम पत्नी नत्थू खां, नरेंद्र सिंह, उमेश चंद्र और सुबोध कुमार के नाम दर्ज कर दिया गया था।
इसमें उस वक्त तैनात रहे क्षेत्र के कानूनगो और लेखपाल के साथ तहसील के कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका जांच में सामने आई है।
इन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने का निर्देश तहसीलदार को दिया गया था। अभी तक मुकदमा दर्ज न होने पर गुरुवार को तहसीलदार को तलब किया गया।
उन्होंने बताया कि 2005 में तहसील महेवा में थी इस वजह से पुराने कर्मचारियों के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।
एसडीएम का कहना है कि सभी कर्मचारियों का नाम पता करके उनके साथ अवैध कब्जेदारों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है।