इटावा। लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पशु पालन विभाग ने गंभीर गोवंशों को क्वारंटीन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बढ़पुरा की गोशाला को खाली कराया गया है।
जिले में अभी तक 161 गोवंशों में लंपी वायरस की पुष्टि हो चुकी है। दो गोवंशों की मौत हो चुकी है। निराश्रित पशुओं में ये संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। स्थितियों को देखते हुए पशु पालन विभाग गंभीर है। बढ़पुरा गोशाला में संक्रमित पशुओं को रखकर इनका उपचार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार एक लाख चार हजार गोवंशों में 90 हजार को टीका लगाया जा चुका है।
बचे गोवंशों में चार माह के बछड़े और गाभिन हैं। इन्हें टीका न लगाने के आदेश थे। सीवीओ डॉ. नीरज कुमार गौतम ने बताया कि निराश्रित पशुओं के बीमार होने की सूचना पर तुरंत टीमें उपचार दे रही हैं।
इस तरह फैलता है संक्रमण
सीवीओ ने बताया कि संक्रमण की चपेट में आने पर गोवंश के शरीर पर फफोले पड़ जाते हैं। इन पर नीली मक्खी बैठती है और वह अंडे देती है। इससे फफोले कभी-कभी फट जाते हैं। यही मक्खी दूसरे गोवंश पर बैठकर उसे भी संक्रमित कर देती है। ऐसे में पशु पालकों को ये ध्यान देना चाहिए कि जहां बीमार गोवंश रखें, वहां गंदगी न हो। कोशिश करें कि फफोलों पर मक्खियां न बैठें।
निराश्रितों का नहीं है आंकड़ा
पशु पालन विभाग के अनुसार सभी गोवंशों का टीकाकरण कर दिया गया है, लेकिन इनमें निराश्रितों की गिनती नहीं है। शहर और गांव में बीमार पशु घूम रहे हैं।