इटावा। रामनगर क्रॉसिंग पर दिनभर लोग जाम से जूझते हैं। रेलवे ओबरब्रिज के लिए स्वीकृति मिलने के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जाम से बचने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर बंद क्रॉसिंग से गुजरते हैं।
रामनगर क्रॉसिंग से लाइन पार के क्षेत्र विजय नगर, पचावली, फ्रेंड्स कॉलोनी समेत कई मोहल्लों के लोगों का आना-जाना होता है। कलक्ट्रेट, कोर्ट, विकास भवन समेत लगभग सभी कार्यालयों में जाने के लिए लाइन पार की करीब डेढ़ लाख की आबादी यहां से गुजरती है। दिल्ली-हावड़ा रूट की इस क्रॉसिंग से दिनभर में लगभग 230 ट्रेनें रोजाना निकलती हैं। ऐसे में यह क्रॉसिंग 24 घंटे में 17 से 18 घंटे बंद रहती है। ऐसे में लोग फाटक के नीचे से या कभी चार से पांच किलोमीटर घूमकर भरथना चौराहे से गुरुतेग बहादुर पुल होकर जाने को मजबूर हैं।
सीओ सिटी अमित सिंह ने बताया कि जाम से निजात के लिए होमगार्ड और यातायात पुलिस के सिपाही तैनात किए जाते हैं। लोगों को जागरूक किया जाता है कि वह जल्दबाजी में गेट के नीचे से न निकलें।
विजय नगर निवासी लकी ने बताया कि दिन में कई बार काम होने की वजह से लाइन पार जाना पड़ता है। दिनभर में काफी समय बर्बाद होता है। समय बचाने की वजह से गुरु तेग बहादुर पुल से जाते हैं तो पेट्रोल ज्यादा लगता है।
पंचावली रोड निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चे छोटे हैं। उन्हें स्कूल छोड़ने के लिए लाइन पार जाना पड़ता है। क्रॉसिंग बंद होने की वजह से बच्चों को कभी-कभी स्कूल जाने में देर हो जाती है। कई बार सुन चुके हैं कि समाधान हो जाएगा पर कब यह पता नहीं।
यह है स्थिति
- रामनगर क्रॉसिंग से दो सवारी ट्रेनें निकलती हैं।
- 30 मालगाड़ी निकलती हैं।
- 24 घंटे में 17 से 18 घंटे क्रॉसिंग बंद रहती।
- फ्लाईओवर के लिए रेववे की ओर से काफी समय पहले स्वीकृति दे दी गई है।
- लगभग दो माह पहले राज्य सरकार की ओर से दी गई है मंजूरी।
- लाइन पार करीब डेढ़ लाख की आबादी को होती है परेशानी।