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Etawah News: हिंदी की तैयारी में कवि व लेखक का अंतर समझना जरूरी

Tue, 30 Jan 2024 02:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। यूपी बोर्ड की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हो रही है। पहला पेपर हिंदी का है। हिंदी के शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को कवि और लेखक के अंतर को स्पष्ट समझना चाहिए। क्योंकि अक्सर इस बिंदु पर विद्यार्थियों के अंक कट जाते हैं।
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जनता इंटर कॉलेज पूठन सकरौली की हिंदी की शिक्षिका रेनू यादव ने बताया कि 70 अंक के प्रश्नपत्र में 20 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए छात्रों को हिंदी गद्य साहित्य और पद्य का इतिहास, सभी पाठों के वैकल्पिक प्रश्न, रस, छंद, अलंकार और संधि पर ध्यान देने की आवश्यकता है। छह-छह अंक की गद्य व पद्य की संदर्भ सहित व्याख्या आती है। उसे भी तैयार करना जरूरी है। कुछ श्लोक याद करने चाहिए, ताकि परीक्षा में उन्हें आसानी से लिखा जा सके और दो अंक मिलना सुनिश्चित हो। खासकर कवि और लेखक का अंतर, व्याकरण और भाषा की गलती को अगर सुधार लिया जाए तो हिंदी में अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं।


इन बिंदुओं का रखे ध्यान
- एक प्रश्न के अगर दो खंड हैं तो उन्हें एक साथ हल करने का प्रयास करें।
- जीवनी साहित्यिक भाषा में लिखनी चाहिए, जिस व्यक्तित्व के बारे में आप लिख रहे, उसके बारे यह अवश्य लिखें कि वह कहानीकार है या फिर रचनाकार।
- व्याख्या के बाद कोटेशन अधिक लिखें, इससे नंबरों में कटौती की संभावना कम रहती है।
- उत्तर देते समय शब्द सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। शुद्ध, सही और सटीक लिखें।
- प्रश्न उतारने का प्रयास न करके, उसका नंबर लिखकर उत्तर देना शुरू कर दें।

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