इटावा। नीट का आयोजन रविवार को पांच केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ। इस दौरान सख्ती ऐसी रही कि मास्क, रुमाल तक अंदर नहीं ले जाने दिया गया। मंगल सूत्र और कलावा तक उतरवा लिया गया। हादसे के कारण देरी से पहुंचे घायल छात्र को बाहर ही रोक दिया गया। उसे परीक्षा नहीं देने दी गई।
नेशनल टेस्ट एजेंसी के सिटी कोआर्डिनेटर डॉ. आनंद ने बताया कि नीट संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, सुदीति ग्लोबल एकेडमी, माउंट लिट्रा जी स्कूल में हुआ। इन केंद्रों पर 2674 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 67 अनुपस्थित रहे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
परीक्षा दो बजे से शुरू हुई, लेकिन परीक्षार्थियों का प्रवेश दिन में 11 बजे से शुरू हो गया था। डेढ़ बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। एक- एक परीक्षार्थी की सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षार्थी प्रवेश पत्र, आधार कार्ड के साथ दो-दो फोटो ले जा सके। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण डीएम और एसएसपी ने किया।
नौरंगाबाद निवासी पारस दुबे बसरेहर रोड स्थित दतावली स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल में परीक्षा देने बाइक से जा रहे थे। नई मंडी के पास पहुंचते ही बाइक फिसल गई। इस वजह से परीक्षा केंद्र पहुंचने में 15 मिनट की देरी हो गई। लेकिन तब तक प्रश्न पत्र खुल जाने की वजह से छात्र को प्रवेश नहीं मिल सका। परीक्षार्थी ने देर से आने की वजह बताई, इस पर जिला समन्वयक से बात की गई लेकिन अनुमति नहीं मिली।