- सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने सभी विभागाें को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए
- एसएसपी ने हादसों और अपराधों को रोकने के लिए शहर के मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी लगवाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एक्सप्रेस वे के तरह अन्य हाईवे और रूटों पर होने वाले हादसों की सूचना भी जल्द से जल्द जिम्मेदारों के पास पहुंचनी चाहिए। ताकि हादसों में किसी की जान न जाए। यह बात बुधवार को डीएम सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करते हुए कहा।
डीएम अवनीश राय ने कहा कि नेशनल हाईवे के दोनों तरफ ब्लैक स्पॉट अवश्य लगाया जाए। जहां से वाहन चढ़ते हैं वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। ताकि वाहन धीमी गति से चल सकें। उन्होंने नेशनल हाईवे एवं संबंधित अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि रोड सेफ्टी का ग्रुप बनाकर उसकी सूचना तत्काल ग्रुप पर डाली जाए। ताकि संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच सकें। घायल व्यक्ति की मदद हो सके। ग्रुप पर जगह की लोकेशन भी डाल दी जाए। कहा कि सड़क दुर्घटना में जो भी व्यक्ति एंबुलेंस आदि की व्यवस्था करके व्यक्ति को बचाता है। ऐसे व्यक्ति को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित करते हुए कहा कि शहर के सभी चौराहों पर कैमरे अवश्य लगाए जाएं। ताकि अपराध और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया गया कि सेंट मैरी के सामने, डीएम आवास के पीछे वाली गली में अपराध की संभावना अधिक होती है वहां पर कैमरे लगाना अति आवश्यक हैं। उन्होंने नेशनल हाईवे को निर्देश दिए की कटफोरी से अनंतराम तक जितने कैमरे लगे हुए हैं। उनकी संख्या दे दी जाए। शहर की 22 ख्वाजा रोड पर अत्यधिक अंधेरा होने पर क्राइम एवं दुर्घटना की समस्या उत्पन्न होती है। वहां पर हाईलाइट अवश्य लगाई जाए। एआरटीओ बृजेश यादव को अवैध स्कूली वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कहा कि छोटे वाहन बच्चों को लेकर शहर के अलावा हाईवे पर नहीं जाएंगे। इसका एक अभियान चलाया जाए। उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश दिए की प्राइवेट वाहनों में बच्चों की संख्या कम से कम होनी चाहिए। प्राइवेट छोटे वाहनों में सात बच्चों से ज्यादा नहीं ले जाने चाहिए।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनय मणि त्रिपाठी, यातायात प्रभारी सूबेदार सिंह आदि मौजूद रहे।