इटावा/जसवंतनगर। रंग रोगन कर गोशालाओं को आकर्षक दिखाने वाला विभाग अब संरक्षित गोवंशों को पेट भी नहीं भर पा रहा है। दान में मिला भूसा भी कम पड़ गया। विभाग भूसा और दाना गोशालाओं को उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बारिश में गोशालाओं में कीचड़ होने से गोवंशों को बैठने तक की जगह नहीं बची है। लापरवाही से दो गोशालाओं में तीन गोवंश की मौत हो गई।
जसवंतनगर क्षेत्र की जगसोरा की गोशाला में संरक्षित 75 गोवंशों के लिए भूसा और हरा चारा नहीं बचा है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। टीनशेड के नीचे और परिसर में कीचड़ भरा है। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव गोवंशों का हाल लेने गोशाला नहीं जाते हैं। केयरटेकर सुरेंद्र कुमार ने बताया दो दिन से भूसा और हरा चारा नहीं है। दो गोवंश की मौत हो चुकी है। तार टूटने से सबमर्सिबल पंप भी बंद है। सचिव पंकज पाल तथा प्रधान राधा कुमारी को जानकारी दी थी लेकिन ठीक नहीं कराया। बीडीओ शौकत अली ने बताया कि उन्हें गोशाला में अव्यवस्थाओं की जानकारी नहीं है।
संवाद प्रतिनिधि ताखा के अनुसार कुरखा गांव की गोशाला में संरक्षित 83 गोवंश के लिए चारा नहीं है। कीचड़ होने से गोवंशों को बैठने की जगह भी नहीं है। नांदों के पास भी कीचड़ भरा है। शनिवार को एक गोवंश कीचड़ में मृत मिला। तिरखी त्रिलोकपुर गोशाला के केयर टेकर आमोद ने बताया कि संरक्षित 42 गोवंश को तीन दिन से भूसा नहीं दिया गया है। पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। भूसा खत्म हो गया है। एडीओ पंचायत भगवान दास ने कहा कि हम जानकारी कर रहे हैं।
दो सचिवों को ग्राम पंचायत से हटाया
सीडीओ संतोष कुमार राय ने बताया कि गोशालाओं में दो-दो महीने के लिए भूसे का स्टाक करवाया गया है। भूसा कम होने की जानकारी सचिवों ने नहीं दी है। जानकारी कराते हैं। देखरेख में लापरवाही बरतने पर बुआपुर दीनारपुर के सचिव अजय और बढ़पुरा के संजीव कुमार को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। जगसौरा और कुरखा की गोशालाओं की जानकारी कराकर कार्रवाई करेंगे।
उरैंग में व्यवस्था ठीक
निवाड़ीकला। उरैंग गांव की गोशाला में 115 गोवंश मौजूद हैं। गोवंश के लिए तीन टिनशेड के नीचे खड़ंजा बिछा है। गोशाला में भूसे और पानी की व्यवस्था ठीक है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शरद ने बताया बीते दिनों गोशाला का निरीक्षण किया था। गंदगी मिलने पर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए थे। (संवाद)
वर्जन
गोशालाओं में गोवंश के मरने की जानकारी नहीं है। यदि बीमारी की वजह से पशुओं की मौत हुई तो तत्काल व्यवस्था दिखवाकर जिम्मेदारों से जवाब तलब किया जाएगा। - डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीवीओ