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मांगें पूरी न हुईं तो आत्मदाह के लिए होंगे मजबूर

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इटावा। 11 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को विकास भवन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारी खूब गरजे। संयुक्त रूप से कहा कि यदि मांगें पूरी न हुईं तो आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे।
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सोमवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, कोरोना काल में रोके गए सभी भत्ते बहाल करने, पदोन्नति का अभियान चलाने, केंद्र के समान भत्ते देने समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि धरना सरकार को चेताने के लिए है। हमारी मांगें पूरी करनी चाहिए।
जिला मंत्री पवन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अपने जीवन 30 से 40 साल सरकार को देने वाले कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को हटाना गलत है। कर्मचारियों के हक के लिए संगठन आवाज बुलंद करता रहेगा। संरक्षक प्रदीप सक्सेना ने कहा कि शोषण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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लोक निर्माण महासंघ के अध्यक्ष राकेश सक्सेना ने कहा कि मांगों को लेकर सभी विभागों के कर्मचारी साथ हैं। संघर्ष होता रहेगा।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी परिषद के उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, उमाशंकर गुप्ता, अरविंद धनगर, चतुर्थ श्रेणी महासंघ के ज्ञान सिंह राही, एनुद्दीन, भुवनेश सक्सेना, जय प्रकाश यादव, कमलेश कुमार, राजेश सरोज, कृष्ण कुमार तिवारी, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ की उपाध्यक्ष अंजुला यादव आदि मौजूद रहे।
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