इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने पांच साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें सात -सात साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर चार हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि आगरा जिले के बरहन थाना क्षेत्र के गांव नगला धोकल निवासी संजीव कुमार ने भरथना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि अपनी बहन रामा की शादी चार साल पूर्व भरथना क्षेत्र के गांव मिल्किया निवासी मुकेश कुमार के साथ की थी। उसने बताया था कि उसने बहन की शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेेज दिया लेकिन उसके ससुरालीजन इससे संतुष्ट नहीं थे। वह दो लाख रुपया व दो भैसों की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। 25 अगस्त 2018 को रक्षाबंधन पर अपनी बहन को लेने मिल्किया गया तो उसका शव घर पर तख्त पर पड़ा देखा। जबकि ससुराल के लोग फरार थे।
संजीव का आरोप था कि ससुरालियों ने उसकी बहन की मारपीट कर हत्या कर दी और शव को छोड़कर भाग निकले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति मुकेश कुमार ससुर शिव राम व सास श्री मती व ननद पूजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना में पुलिस ने पूजा की नामजदगी गलत पाई और उसे निकाल दिया। पुलिस ने पति, सास, ससुर के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति मुकेश कुमार ससुर शिव राम सिंह व सास श्री मती को दोषी पाया और सजा सुनाई।