- कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला जज फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने दस साल पुराने आत्म हत्या को प्रेरित करने के मामले में पति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दस जहार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा। कोर्ट ने सास व जेठ को दोष मुक्त कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता बलवीर सिंह राजपूत ने बताया कि मधुवन सिंह चौहान ने ऊसराहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि उसने अपनी बहन सपना की शादी ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव नगला चतुर निवासी अविनाश उर्फ राजू तोमर के साथ 2007 में की थी। शादी में उसने सामर्थय के अनुसार दान दिया था, लेकिन बहन के ससुराली अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये नगद व मारूति कार की मांग कर रहे थे।
मांग पूरी न होने पर ससुराली जनों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। आरोप है कि ससुरालीजनों ने सपना पर 12 अक्तूबर 2013 को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी और घर से फरार हो गए। पड़ोसियों की सूचना पर मायके वाले मौके पर पहुंचे और उसे उपचार लए भर्ती कराया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन की।
विवेचना के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में पति अविनाश उर्फ राजू तोमर, सास मीना तोमर और जेठ आशीष तोमर के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई अपर जिला न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति अविनाश को दोषी पाया। इस पर उसे दस साल की सजा सुनाई। जबकि मीना व आशीष को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।