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इटावा में मरीज की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़, अस्पताल सील किया गया

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अस्पताल में भर्ती मरीजों के कागज देखते डिप्टी सीएमओ। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। शहर के एक निजी अस्पताल में महिला मरीज की मौत पर परिजनों ने पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। उनका गुस्सा देखकर डॉक्टर और स्टाफ पीछे के दरवाजे से भाग निकला। प्राथमिक जांच में इलाज में लापरवाही मिलने पर डिप्टी सीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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औरैया जिले के फफूंद क्षेत्र के सुकंदी के पुरवा निवासी धीरज कुमार ने बीमार पत्नी सुनीता देवी (22) ने 25 दिन पहले दिबियापुर के सरकारी अस्पताल में पुत्री को जन्म दिया था। तीन दिन पेट पहले उसके दर्द के साथ होने के साथ बुखार आने लगा। दिबियापुर के सरकारी अस्पताल ले गए थे, जहां से डॉक्टर ने उसे सैफई पीजीआई या इटावा जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। मंगलवार रात पत्नी को इटावा जिला अस्पताल पहुंचे।
धीरज का आरोप है कि एक आशा के कहने पर सुनीता को आईटीआई के पास हरे कृष्णा हॉस्पिटल ले गए। उसे भर्ती कर अस्पताल स्टाफ ने खून कम बात कही। बुधवार शाम को सुनीता को खून चढ़ाया गया।
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धीरज के अनुसार गुरुवार सुबह डॉक्टर ने हालत बिगड़ने की बात कहकर तुरंत सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कहा। सैफई ले जाने से पहले ही सुनीता की मौत हो गई। कुछ पूछने से पहले ही अस्पताल का स्टाफ अभद्रता करने लगा और शव को अस्पताल के बाहर डाल दिया। इस पर परिजन भड़क गए और अस्पताल में पथराव कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिजनों का गुस्सा बढ़ता देख अस्पताल संचालक और स्टाफ समेत पीछे के दरवाजे से भाग निकाल। परिजनों की सूचना पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से परिजनों से पूछताछ के बाद जांच की। प्राथमिक जांच में लापरवाही मिलने पर अस्पताल सील कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
दो मरीज जिला अस्पताल भेजे
डिप्टी सीएमओ को अस्पताल में तीन महिला मरीज भर्ती मिलीं। महिला को स्वस्थ मिलने पर घर भेज दिया गया। दो को जिला अस्पताल भेज दिया गया। -
मृतक महिला के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल रजिस्टर्ड है लेकिन आरोपों के आधार पर उसे सील करा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डा. अवधेश यादव, डिप्टी सीएमओ

अस्पताल में बिखरा पड़ा सामान। संवाद- फोटो : ETAWAH

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