(फोटो संख्या 32) स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाते तीमारदार। संवाद
( फोटो संख्या 33) ओपीडी का सूखा पड़ा वाटर कूलर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बुधवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी के किए निरीक्षण के दूसरे दिन भी जिला अस्पताल के हालात में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। डिप्टी सीएम ने जिन दो पुरुष मरीजों को देखा और उनसे बात की उनमें से एक को बुधवार की शाम सैफई व दूसरे को लखनऊ भिजवाया गया।
गुरुवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। इमरजेंसी के निरीक्षण के दौरान उन्हें वार्ड में भर्ती मरीज आशुतोष के पास डिप्टी सीएम को खराब अनार मिल गया था। इस पर उन्होंने गुणवत्ता परख खाने पीने का सामान मरीजों को देने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद जिला अस्पताल के हालात नहीं बदले।
इमरजेंसी में शहर के राजागंज निवासी इशरत बेगम (60) लीवर में दिक्कत होने व सिर दर्द होने की वजह से पिछले शुक्रवार से भर्ती हैं। बताया कि मंत्री के आने की वजह से दलिया की बजाए अनार दिया गया था, लेकिन छीलने पर अनार खराब निकलने पर फेंकना पड़ा था। गुरुवार की सुबह जो दलिया मिली उसमें दूध के नाम पर सफेदी थी।
इसी प्रकार गांव बिरारी निवासी ज्ञानवती (75) ने बताया जो दलिया मिली उसकी खाने की क्वालिटी ठीक नहीं थी। लेकिन फिर भी लेना पड़ा। दूध से ज्यादा पानी की मात्रा थी। कम से कम दलिया तो अच्छी देनी चाहिए। वह कमर दर्द और शुगर कम होने की वजह से तीन दिन से अस्पताल में भर्ती हैं।
स्ट्रेचर तो मिले पर मरीजों ने खुद खींचे
दूसरे दिन स्ट्रेचर पर तीमारदारों को मरीज ले जाते हुए दिखाई दिए। इमरजेंसी में लगा ही नहीं कि एक दिन पूर्व डिप्टी सीएम ने यहां निरीक्षण किया था। ओपीडी में लगा वाटर कूलर इस कदर खराब था कि टोटी दबाने पर बूंद-बूंद पानी भी नहीं निकल रहा था।
वर्जन
दलिया की क्वालिटी के बारे में जानकारी करते हैं। ओपीडी का वाटर कूलर खराब नहीं है उसे खाली कराया है। डिप्टी सीएम ने जिन मरीजों से बात की थी, उनमें से आशुतोष को सैफई व प्रदीप शर्मा को बुधवार की शाम करीब सात बजे लखनऊ भिजवा दिया था। डॉ.एमएम आर्या, सीएमएस