इटावा/सैफई। सैफई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही दिल के ऑपरेशन शुरू होंगे। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीर सर्राफ के कार्यभार संभालने के बाद 24 अगस्त से यहां ओपीडी शुुरू हुई है। माना जा रहा है कि 15 सितंबर तक दिल के मरीजों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन बड़ी राहत दे सकता है।
पेसमेकर खरीद की गड़बड़ी के मामले में निलंबित चल रहे डॉ. समीर सर्राफ को 20 अगस्त को बहाल कर दिया गया था। 17 महीने से बंद चल रहे कॉर्डियोलॉजी विभाग में 24 अगस्त से ओपीडी शुरू हो गई। इससे जिले के साथ ही आसपास के 10 जिले में रहने वाले दिल के मरीजों को राहत मिली थी। एक सप्ताह में यहां 178 मरीजों का इलाज हुआ। अब सैफई मेडिकल कॉलेज प्रशासन 15 सितंबर तक दिल के ऑपरेेशन भी शुरू करने की तैयारी में है। इससे मरीजों को ऑपरेशन के लिए आगरा, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। कॉर्डियोलॉजी विभाग में छह बेड का आईसीयू वार्ड भी तैयार किया जा रहा है। इसमें ऑपरेशन के बाद मरीजों को रखा जाएगा।
सस्ता इलाज मिलेगा
कॉर्डियोलॉजी विभाग की कैथ लैब में स्टंट डाले जा सकेंगे। निजी अस्पतालों में जिस स्टंट के लिए मरीजों को डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, वह यहां 60 से 70 हजार रुपये में पड़ जाएगा। जिन मरीजों की धड़कन ज्यादा अस्थिर रहती है, वह सीआरटी-आईसीडी मशीन भी डलवा सकते हैं। 15 हजार रुपये का पड़ने वाला अस्थाई पेसमेेकर 700 से 800 में डाला जाएगा। निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये में पड़ने वाला स्थाई पेसमेकर 70 हजार रुपये में यहां पड़ सकेगा। हृदय के वाल्ब सिकुड़ने पर उन्हें गुब्बारे से फुलाकर उपचार करने की भी व्यवस्था होगी। बच्चों के ऑपरेशन शुरू कराने की भी तैैयारी चल रही है। एक महीने बाद यह सुविधा मिल सकती है।
सैफई मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजी विभाग को शुरू करने के लिए लगातार डॉक्टरों की मांग की जा रही थी। इस बीच डॉ. समीर सर्राफ के बहाल होने के बाद कॉलेज प्रशासन को एक और डॉक्टर मिल गए हैं। ग्वालियर से आए डॉ. सुभाष सिंह ने भी ओपीडी शुरू कर दी है। जिले के साथ ही मैनपुरी, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, भिंड, औरैया, जालौन समेत 10 जिलों में रहने वाले दिल के रोगियों को लाभ मिल सकेगा। अभी तक यहां के लोग कानपुर, लखनऊ, आगरा, दिल्ली ऑपरेशन कराने के लिए जाते हैं।
एक सप्ताह से ओपीडी चल रही है। आसपास के जिलों के भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। 15 सितंबर से कैथी लैब में फिर से ऑपरेशन शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
-डॉ. समीर सर्राफ, विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी