इटावा। कोरोना संक्रमितों का ग्राफ धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय के दो कर्मचारी और भरथना क्षेत्र में पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले। इस तरह से अब सक्रिय केसों की संख्या 14 हो गई है। अगस्त में 18 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से चार ठीक हो चुके हैं। सबसे ज्यादा 12 संक्रमित सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के हैं। एक यहीं का ग्रामीण शामिल है।
10,000 लोगों ने नहीं लगवाई दूसरी डोज
जिले में अभी तक करीब 10,000 लोगों ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। बूस्टर डोज लगवाने में भी लोग रुचि नहीं ले रहे हैं। जिले में अब तक 14,52,588 लोग पहली और 14,42,798 लोग दूसरी डोज लगवा चुके हैं। वहीं, एक माह से लग रही मुफ्त बूस्टर डोज के लिए सिर्फ 1,53,392 लोग ही पहुंचे हैं। सीएमओ डॉ. बीएल संजय ने बताया कि अभी तक बूस्टर डोज 13.97 प्रतिशत लोगों ने लगवाई है। प्रदेश में जिले का 18वां स्थान है। 30 सितंबर तक 10,98,113 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी है।
दूसरी डोज नहीं लगवाने वालों को खतरा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. श्रीनिवास ने बताया शहर में जिला अस्पताल के अलावा चारों नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर बूस्टर डोज लगाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगाने का कार्य चल रहा है। वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जिन्होंने अभी तक दूसरी डोज भी नहीं लगवाई है, वह सबसे पहले कोरोना संक्रमण की जद में आ सकते हैं।
दूसरी डोज लगवाने वाले हो रहे जल्दी स्वस्थ
सीएमओ बीएल संजय ने बताया कि वह लंबे समय तक कोविड 19 के नोडल अधिकारी रहे हैं। ऐसे में पहले और अब कोरोना के मरीजों में यह फर्क देखा गया है कि टीके की दोनों डोज लगवाने वाले संक्रमित तो हो रहे हैं, लेकिन उनकी रिकवरी तेज है। बूस्टर डोज लगवाने के बाद संक्रमण आसानी से लोगों को अपनी जद में नहीं ले पा रहा है। ऐसे में सभी लोग जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवाकर अपने को सुरक्षित करें।